BRICS Parliamentary Forum में भारत का बढ़ता दबदबा, अन्य देशों के विकास में भी अहम भूमिका
12वें BRICS संसदीय मंच पर केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि भारत अब वैश्विक विकास और मैन्युफैक्चरिंग में बड़ी भूमिका निभा रहा है।

नई दिल्ली में आयोजित 12वें BRICS Parliamentary Forum India के दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने भारत की वैश्विक भूमिका पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत आज न केवल अपने देश के विकास में सक्रिय है, बल्कि अन्य विकासशील देशों और 'ग्लोबल साउथ' की प्रगति में भी एक अत्यंत ठोस और निर्णायक भूमिका निभा रहा है।
आत्मनिर्भर भारत और वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब
मंत्री नायडू ने कहा कि BRICS देशों के बीच भारत का कद तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 20 वर्षों की तुलना में आज भारत की वैश्विक छवि और सम्मान में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
उन्होंने विशेष रूप से मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र पर प्रकाश डालते हुए कहा:
- दुनिया भर के देश अब भारत को एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में देख रहे हैं।
- यह रुझान हमारे 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान कर रहा है।
- एविएशन और एयरोस्पेस क्षेत्र में भारत का मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम अब काफी विकसित हो चुका है।
नायडू ने बताया कि ब्राजील और रूस जैसे BRICS देशों से मिलने वाले समर्थन के कारण भारत में विनिर्माण की संभावनाएं बढ़ी हैं और कई देश यहाँ अपनी इकाइयां स्थापित करने में रुचि दिखा रहे हैं।
संसदीय सहयोग और वैश्विक नेतृत्व
इस महत्वपूर्ण मंच पर अन्य केंद्रीय मंत्रियों और प्रतिनिधियों ने भी भारत की बढ़ती शक्ति को रेखांकित किया। अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि यह फोरम विभिन्न देशों के बीच संसदीय प्रक्रियाओं, सफल कहानियों और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने का एक शानदार अवसर है। इससे अन्य देशों को भारत की कार्यप्रणाली समझने में मदद मिलती है।
वहीं, अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत अब केवल वैश्विक मंच पर अन्य देशों का अनुसरण करने वाला देश नहीं रह गया है, बल्कि अब वह दुनिया का नेतृत्व करने की पूरी क्षमता रखता है। इस सम्मेलन में लगभग 22 देशों के प्रतिनिधि, जिनमें विभिन्न देशों के स्पीकर और सांसद शामिल थे, ने हिस्सा लिया और कानून निर्माण व सार्वजनिक मुद्दों पर चर्चा की।