भारत बनेगा दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था: जेफरी सैक्स
अर्थशास्त्री जेफरी सैक्स ने कहा है कि शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और जलवायु सुरक्षा में निवेश करके भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।

प्रसिद्ध अर्थशास्त्री प्रोफेसर जेफरी डी. सैक्स ने भारत की आर्थिक क्षमता को लेकर एक बेहद सकारात्मक भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा है कि यदि भारत सही सिद्धांतों का पालन करता है, तो आने वाले दशकों में वह दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।
किन तीन स्तंभों पर टिकी है भारत की सफलता?
सैक्स के अनुसार, भारत की इस लंबी अवधि की विकास यात्रा के लिए तीन मुख्य क्षेत्रों में ठोस निवेश करना अनिवार्य है:
- शिक्षा: यह सुनिश्चित करना कि देश के सभी युवाओं को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।
- बुनियादी ढांचा: देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक और मजबूत बनाना।
- जलवायु सुरक्षा: पर्यावरण संरक्षण और जलवायु सुरक्षा के लिए सही नीतियां अपनाना।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में वैश्विक आर्थिक उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी लगभग 8-9 प्रतिशत है, जो भविष्य में बढ़ती जाएगी। भारत की विशाल जनसंख्या भी इस आर्थिक उदय का एक प्रमुख चालक होगी।
बदलते वैश्विक समीकरण और सहयोग की अपील
वैश्विक व्यवस्था में हो रहे बदलावों पर चर्चा करते हुए सैक्स ने कहा कि पश्चिमी प्रभुत्व का दौर अब समाप्त हो चुका है। दुनिया अब एक बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जिसमें अमेरिका, भारत, चीन और रूस जैसे देशों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने देशों से अपील की कि वे एक-दूसरे के खिलाफ गठबंधन बनाने के बजाय सहयोग का रास्ता चुनें।
"वैश्विक सद्भाव का अर्थ है आपसी सम्मान। मैं गठबंधनों में विश्वास नहीं करता, मैं सहयोग में विश्वास करता हूँ।"
सैक्स ने अमेरिका की नीतियों की भी आलोचना की और कहा कि युद्धों, संघर्षों और टैरिफ ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को अस्थिर किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का मतलब यह नहीं है कि भारत दुनिया पर हावी हो जाएगा या उसकी प्रति व्यक्ति आय अन्य देशों से अधिक होगी, लेकिन इसकी आर्थिक विशालता उसे अंतरराष्ट्रीय मामलों में एक निर्णायक भूमिका देगी।
AI का उपयोग और UN में भारत का स्थान
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विषय पर उन्होंने चेतावनी दी कि इस तकनीक का उपयोग मानवता के कल्याण के लिए होना चाहिए, न कि इसे सैन्य संस्थानों के साथ जोड़कर विनाशकारी बनाना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का पुरजोर समर्थन किया। सैक्स का मानना है कि भारत को शामिल करने से यह वैश्विक संस्था और अधिक सशक्त होगी।