Yudh Abhyas 2026: रस्सी खींचने के खेल में दिखा भारतीय और अमेरिकी सैनिकों का जोश!

Ghazala Saheb28 September 20262 min read0 viewsBihar
Yudh Abhyas 2026: रस्सी खींचने के खेल में दिखा भारतीय और अमेरिकी सैनिकों का जोश!

उत्तराखंड की खूबसूरत पहाड़ियों में चल रहे सैन्य अभ्यास के बीच एक बेहद दिलचस्प और दोस्ताना पल देखने को मिला। 'युद्ध अभ्यास 2026' के दौरान भारतीय और अमेरिकी सेना के जवानों ने न केवल युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया, बल्कि एक 'टग ऑफ वॉर' (रस्सी खींचने के खेल) के जरिए अपनी अटूट दोस्ती और आपसी तालमेल को भी दुनिया के सामने पेश किया।

औली की पहाड़ियों में दोस्ती का प्रदर्शन

21 सितंबर को औली फॉरेन ट्रेनिंग नोड में आयोजित इस मुकाबले में भारतीय और अमेरिकी सैनिकों ने मिली-जुली टीमें बनाईं। इस खेल का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं था, बल्कि दोनों सेनाओं के बीच के मानवीय संबंधों और विश्वास को और गहरा करना था। अमेरिकी सेना के पैसिफिक कमांड के अनुसार, इस गतिविधि ने दोनों देशों के बीच की साझेदारी को और अधिक मजबूती प्रदान की है।

युद्ध अभ्यास 2026: क्या है खास?

यह भारत और अमेरिका के बीच आयोजित होने वाला द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास का 22वां संस्करण है, जो 15 सितंबर से शुरू हुआ है। यह महत्वपूर्ण अभ्यास दो अलग-अलग स्थानों पर एक साथ चलाया जा रहा है:

  • उत्तराखंड: औली फॉरेन ट्रेनिंग नोड।
  • राजस्थान: महाजन फील्ड फायरिंग रेंज।

इस युद्धाभ्यास में दोनों देशों के लगभग 600-600 सैन्य कर्मी हिस्सा ले रहे हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस अभ्यास का मुख्य लक्ष्य पहाड़ी और अर्ध-पहाड़ी इलाकों में 'इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स' के प्रभावी उपयोग के लिए संयुक्त सैन्य क्षमता को बढ़ाना है। इसमें विशेष रूप से इन्फैंट्री (पैदल सेना) पर आधारित ऑपरेशनों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

तकनीक और आधुनिक हथियारों का परीक्षण

इस बार के अभ्यास में आधुनिक तकनीक के समावेश पर विशेष जोर दिया गया है। निगरानी और टोही कार्यों के लिए ड्रोन और स्वायत्त प्रणालियों (autonomous systems) का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही, समकालीन हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।

राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में एक बड़ी सफलता देखने को मिली, जहाँ SkyStriker लोइटरिंग म्यूनिशन ने अपनी सटीकता का लोहा मनवाया। भारतीय सेना द्वारा साझा किए गए वीडियो में देखा गया कि इस म्यूनिशन ने वास्तविक परिचालन वातावरण में लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पहचाना और उन पर सटीक हमला किया। यह घटना आधुनिक युद्ध में स्वदेशी रक्षा तकनीक और मानव रहित प्रणालियों की बढ़ती भूमिका को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

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