अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर स्कूली बच्चों ने निकाली जागरूकता रैली

अररिया में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के मौके पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूली बच्चों ने गांव में जागरूकता रैली निकाली और साक्षरता से जुड़े नारे लगाकर ग्रामीणों को जागरूक किया। फारबिसगंज के तिरसकुंड पंचायत के प्राथमिक विद्यालय आदिवासी टोला मधुरा में मंगलवार को यह कार्यक्रम आयोजित हुआ।
साक्षरता का महत्व
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए युवा शिक्षक रंजीत कुमार मंडल ने कहा कि मानव विकास और समाज के लिए उनके अधिकारों को जानने व साक्षरता की ओर मानव चेतना को बढ़ावा देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाता है। वहीं प्रधान शिक्षक मिथिलेश कुमार सिंह ने व्यक्तिगत, सामुदायिक और सामाजिक रूप से साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डाला।
इतिहास और शुरुआत
पूर्व प्रधानाध्यापक कुमार राजीव रंजन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इससे पहले विश्व कांग्रेस के शिक्षा मंत्री ने वर्ष 1965 में इसी दिन तेहरान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा कार्यक्रम पर चर्चा करने के लिए पहली बार बैठक की थी। पहला साक्षरता दिवस 1966 में मनाया गया था।