इसुआपुर मेला कांड: सांसद से मिले लोग, निष्पक्ष जांच की मांग

सारण के इसुआपुर में इसुआपुर मेला कांड को लेकर हलचल तेज हो गई है। महावीरी अखाड़ा सह झंडा मेला मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद, मेला लाइसेंसधारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को ज्ञापन सौंपकर इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है।
42 वर्षों से शांतिपूर्ण हो रहा था मेला, फिर क्यों हुई FIR?
प्रतिनिधिमंडल ने सांसद के सामने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि इसुआपुर का महावीरी अखाड़ा सह झंडा मेला पिछले 42 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है। इस मेले की सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि यह हमेशा से ही बेहद शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होता आया है।
ज्ञापन में कहा गया कि इस वर्ष भी मेला पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ था और इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे। इसके बावजूद, मेला लाइसेंसधारियों और साउंड संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज किए जाने से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। प्रतिनिधिमंडल ने सवाल उठाया है कि जब सब कुछ शांतिपूर्ण था, तो इन लोगों को निशाना क्यों बनाया जा रहा है?
भविष्य के आयोजनों पर मंडराता खतरा
मेला संचालकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अपनी आशंका व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई, तो इसका असर भविष्य में होने वाले इस ऐतिहासिक मेले के आयोजन पर पड़ सकता है। लोगों को डर है कि इस तरह की कानूनी कार्रवाई से परंपराओं और सामुदायिक सौहार्द को ठेस पहुँच सकती है।
सांसद ने दिया आश्वासन
सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने प्रतिनिधिमंडल की शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए आश्वासन दिया कि वे अपने स्तर से इस पूरे प्रकरण की जानकारी लेंगे और मामले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे शामिल
इस मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से निम्नलिखित सदस्य शामिल थे:
- जिला पार्षद छविनाथ सिंह
- डॉ. रणवीर सिंह
- विजय सिंह
- ढोलन सिंह
- गोपाल बाबा
- राकेश सिंह
- बद्रीनारायण सिंह