गांधी और शास्त्री के आदर्श आज भी प्रासंगिक: जय राम ठाकुर

शिमला में हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने दोनों महान विभूतियों के जीवन मूल्यों और उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग की आज के समय में प्रासंगिकता पर विशेष जोर दिया।
अहिंसा और स्वच्छता का संदेश: महात्मा गांधी
जय राम ठाकुर ने कहा कि महात्मा गांधी ने पूरी दुनिया को यह दिखाया कि शांति और अहिंसा के मार्ग पर चलकर भी बड़े से बड़े आंदोलनों को सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने गांधी जी के योगदान को याद करते हुए कहा:
"महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता संग्राम को एक नया स्वरूप दिया। उन्होंने यह सिद्ध किया कि हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख सकते हैं और सादगी व संवाद के माध्यम से विरोधियों को भी जीत सकते हैं।"
ठाकुर ने यह भी रेखांकित किया कि गांधी जी का हिमाचल प्रदेश और विशेष रूप से शिमला से गहरा ऐतिहासिक संबंध रहा है। वे स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कई बार शिमला आए थे। इसके साथ ही, उन्होंने गांधी जी के स्वच्छता के संदेश की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता का महत्व किसी की आर्थिक स्थिति पर निर्भर नहीं करता और आज जब देश में स्वच्छता अभियान चल रहा है, तब गांधी जी का यह संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है।
ईमानदारी की मिसाल: लाल बहादुर शास्त्री
पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए जय राम ठाकुर ने उन्हें ईमानदारी, सादगी और उच्च सत्यनिष्ठा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का कार्यकाल भले ही छोटा रहा हो, लेकिन उन्होंने देश का नेतृत्व जिस गरिमा के साथ किया, वह अद्वितीय है।
ठाकुर ने उनके ऐतिहासिक नारे 'जय जवान, जय किसान' का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भी जब हम सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और स्वच्छ छवि वाले नेतृत्व की तलाश करते हैं, तो शास्त्री जी का जीवन हमारे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बना हुआ है।
कार्यक्रम में दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी
इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, शिमला के मेयर सुरेंद्र चौहान सहित कई अन्य प्रमुख नेता और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।