"पाप के भागी क्यों बने?": राम मंदिर भूमि सौदे पर जयराम रमेश का पीएम मोदी पर बड़ा हमला

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने राम मंदिर भूमि सौदों और चंदे में अनियमितता का आरोप लगाते हुए पीएम मोदी और भाजपा पर तीखा हमला बोला है।

Prakriti Singh22 October 20262 min read0 viewsUttar Pradesh
"पाप के भागी क्यों बने?": राम मंदिर भूमि सौदे पर जयराम रमेश का पीएम मोदी पर बड़ा हमला

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े भूमि सौदों और चंदे में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। रमेश ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के लिए देश भर से करोड़ों लोगों द्वारा दिए गए चंदे में भी 'डाका' डाला गया है। उन्होंने इस पूरे मामले में भाजपा, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।

5 मिनट में 825% का 'खेल'?

जयराम रमेश ने राम मंदिर ट्रस्ट के बाग बिजैसी भूमि सौदे को लेकर बेहद चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए इस सौदे की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए।

"क्या यह सही नहीं है कि 18 मार्च 2021 को शाम 7:10 बजे तिवारी-अंसारी ने कुसुम पाठक से ज़मीन ₹2 करोड़ में ख़रीदी, और 7:15 बजे वही ज़मीन ट्रस्ट ने चंपत राय के ज़रिए ₹18.5 करोड़ में ले ली? 5 मिनट में 825% का डाका कैसे होने दिया गया!"

रमेश ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि दोनों रजिस्ट्रियों के दौरान गवाह एक ही व्यक्ति थे। उन्होंने तत्कालीन भाजपा महापौर ऋषिकेश उपाध्याय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का नाम लेते हुए इस पूरी प्रक्रिया को संदिग्ध बताया है।

चंदे और चढ़ावे की चोरी का आरोप

कांग्रेस नेता ने केवल जमीन के सौदों तक ही अपनी बात सीमित नहीं रखी, बल्कि उन्होंने मंदिर के लिए एकत्र किए गए चढ़ावे और चंदे के प्रबंधन पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि:

  • देश के करोड़ों श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए हजारों करोड़ रुपये के चंदे में हेराफेरी की गई है।
  • भाजपा, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े लोगों पर लगे आरोपों की कोई निष्पक्ष जांच नहीं हुई है।
  • विपक्ष द्वारा बार-बार सवाल उठाए जाने के बावजूद दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

SIT जांच और रिपोर्ट पर सवाल

जयराम रमेश ने सरकार से यह भी पूछा कि आखिर 2021 में हुई जांच रिपोर्ट को 5 साल बाद भी सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? उन्होंने मांग की है कि भूमि सौदों की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट का नतीजा जल्द से जल्द जनता के सामने लाया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री से सीधा सवाल: "मूक सहमति क्यों?"

इस पूरे मामले में जयराम रमेश ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया है। उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री के कार्यकाल में इस तरह की कथित अनियमितताएं कैसे हो सकती हैं?

उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में कहा, "प्रधानमंत्री से हमारा सीधा सवाल है कि आपकी नाक के नीचे यह चंदा चोरी और चढ़ावा चोरी होती रही, उन्होंने इसे अपनी मूक सहमति देकर पाप के भागी क्यों बने?"

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