भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता: जयशंकर बोले, खुलेगा विशाल बाजार

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) भारत के लिए एक बहुत बड़ा और परिपक्व बाजार खोलेगा, जिसमें खरीदारी की जबरदस्त क्षमता है। उन्होंने इस समझौते के माध्यम से आर्थिक संबंधों में नई ऊंचाइयों को छूने की उम्मीद जताई है।
विशाल बाजार और आर्थिक अवसर
दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में बातचीत करते हुए, जयशंकर ने कहा कि 2026 को भारत के लिए "यूरोप वर्ष" के रूप में देखा जा सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस महत्वपूर्ण व्यापार समझौते को लेकर बातचीत में लगभग 25 साल का लंबा समय लगा है।
जयशंकर ने कहा, "हमारी उम्मीद है कि हम इस FTA को आने वाले महीनों में, संभवतः इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत तक लागू कर पाएंगे। यह हमारे लिए एक बहुत ही पूरक आर्थिक खिलाड़ी के रूप में काम करेगा।"
रणनीतिक स्वायत्तता पर जोर
विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) को बनाए रखते हुए अंतरराष्ट्रीय संबंध मजबूत करना चाहता है। उन्होंने कहा कि भारत किसी औपचारिक गठबंधन का हिस्सा नहीं है, बल्कि वह अपनी स्वतंत्र नीति के साथ वैश्विक स्तर पर सक्रिय है।
कनाडा के प्रधानमंत्री के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए, उन्होंने कहा कि भारत का यूरोपीय संघ के साथ व्यापारिक जुड़ाव बहुत पहले से विकसित है और इसे किसी विशेष गठबंधन के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
गेम चेंजर साबित होगा यह समझौता
यूरोपीय संघ के राजदूत जीन-एरिक पाकेट ने भी इस समझौते को भारत और यूरोप के लिए एक "गेम चेंजर" बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता व्यापार, निवेश और आपूर्ति श्रृंखलाओं (supply chains) को मजबूत करेगा।
पाकेट के अनुसार, इस समझौते का लक्ष्य 2026 के अंत तक इसे पूरा करना और 2027 तक इसे लागू करना है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि FTA के साथ एक निवेश संरक्षण समझौता भी लागू होगा, जो भारत और यूरोप के बीच एक साझा आर्थिक क्षेत्र तैयार करेगा।