जयशंकर का UN डे संदेश: भारत की प्रतिबद्धता और मेजर अभिलाषा का सम्मान

81वें संयुक्त राष्ट्र दिवस पर एस जयशंकर ने UN चार्टर के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई और मेजर अभिलाषा बराक की उपलब्धि का जिक्र किया।

Ghazala Saheb24 October 20262 min read0 viewsBihar
जयशंकर का UN डे संदेश: भारत की प्रतिबद्धता और मेजर अभिलाषा का सम्मान

81वें संयुक्त राष्ट्र दिवस के अवसर पर, जयशंकर UN डे के इस विशेष मौके पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र (UN) चार्टर के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने वैश्विक शांति, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत के निरंतर प्रयासों को रेखांकित किया।

सुधारित बहुपक्षवाद की आवश्यकता

विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के माध्यम से संदेश देते हुए कहा कि अब दुनिया को 'सुधारित बहुपक्षवाद' (reformed multilateralism) की सख्त जरूरत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को वर्तमान वैश्विक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करना चाहिए। जयशंकर के अनुसार, भारत संयुक्त राष्ट्र के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा और ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं का समर्थन करना जारी रखेगा।

मेजर अभिलाषा बराक की ऐतिहासिक उपलब्धि

संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में भारत के गौरवशाली योगदान का उल्लेख करते हुए, जयशंकर ने मेजर अभिलाषा बराक की सफलता पर गर्व व्यक्त किया। मेजर बराक को 'UN मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर' पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान शांति मिशनों में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करने और सैन्य शांति स्थापना कार्यों में लैंगिक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के उनके उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए दिया गया है।

परमाणु तकनीक और विकास कार्यों में भारत का नेतृत्व

भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में परमाणु विज्ञान और तकनीक के सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण उपयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया। इस संबंध में महत्वपूर्ण बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल की नेता और सांसद संगीता कुमारी सिंह देव ने IAEA की रिपोर्ट पर बोलते हुए, सतत विकास और क्षमता निर्माण में परमाणु तकनीक की भूमिका पर जोर दिया।
  • 'भारत-UN विकास साझेदारी कोष' के नौवें वार्षिक कार्यक्रम में कई देशों ने भारत की सहायता की सराहना की।
  • लाओस, श्रीलंका, तंजानिया, मोल्दोवा, मोरक्को और मोजाम्बिक के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह कोष उनके देशों की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के आधार पर सतत विकास की पहलों में महत्वपूर्ण मदद कर रहा है।
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