जमुई एनकाउंटर पर बड़ा खुलासा: 'पुलिस ने नौकरी बचाने के लिए रचा नाटक, मेरे बेटे को सुधारने का एक मौका दें'

बिहार के जमुई में पुलिस द्वारा किए गए एक कथित एनकाउंटर ने अब तूल पकड़ लिया है। जिस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने की बात कही है, अब उस आरोपी की मां ने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। मां का दावा है कि यह एनकाउंटर असली नहीं था, बल्कि पुलिस ने अपनी छवि बचाने और नौकरी सुरक्षित करने के लिए एक 'तमाशा' रचा है।
'हाथों में हथियार और नशा थमाकर बनाया जा रहा है फर्जी एनकाउंटर'
आरोपी की मां ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके बेटे को पकड़ने के बाद पुलिस ने उसके हाथों में हथियार या नशीले पदार्थ थमा दिए ताकि मामले को असली एनकाउंटर का रूप दिया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया:
"मेरे बेटे के पास न कोई बंदूक है और न ही गोली। पुलिस ने बस दिखावे के लिए उसके हाथों में हथियार या नशा थमा दिया ताकि वे अपनी नौकरी बचा सकें। उन्होंने उसे भागने के लिए मजबूर किया और जैसे ही उसने दो कदम बढ़ाए, उसके पैर में गोली मार दी।"
मां के अनुसार, उनका बेटा उस समय नदी के पास गायों और भैंसों के बीच था, तभी उसे पकड़ा गया। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने उन्हें शुरुआत में इस घटना की कोई जानकारी नहीं दी थी।
'निर्दोष है मेरा बेटा, बस एक मौका चाहिए'
आरोपी की मां ने अपने बेटे का बचाव करते हुए कहा कि वह निर्दोष है। उन्होंने बताया कि:
- उनका बेटा पेशे से एक ड्राइवर है और वह घर के खेती-बाड़ी के काम में मदद करने के लिए आया हुआ था।
- उसे गांव के ही एक लड़के ने फोन करके बुलाया था, जिसके बाद वह उस स्थान पर पहुंचा।
- वह पुलिस को देखते ही माफी मांगने लगा था, लेकिन पुलिस ने उसे गाली दी और भागने पर मजबूर किया।
मां ने भावुक होते हुए सरकार से अपील की है कि उनके बेटे को सुधरने का एक और मौका दिया जाए।
क्या है पूरा मामला? जिसने मचाया था हड़कंप
यह पूरा विवाद जमुई में एक नाबालिग लड़की और उसके साथी के उत्पीड़न से शुरू हुआ था। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुछ युवकों को नाबालिग लड़की और उसके साथी को परेशान करते देखा जा रहा था।
पुलिस की अब तक की कार्रवाई:
- वीडियो वायरल होने के बाद जमुई एसपी विश्वाजीत दयाल ने मामले की जानकारी ली।
- मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एफआईआर दर्ज की गई।
- एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया।
- पुलिस ने नंदन यादव और उसके अन्य साथियों को गिरफ्तार किया।
इस मामले में पॉक्सो (POCSO) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही, राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है।
पीड़िता के परिवार को मिला मुख्यमंत्री का आश्वासन
दूसरी ओर, नाबालिग पीड़िता के माता-पिता ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग की। पीड़िता की मां ने बताया कि वह सरकार की प्रतिक्रिया से संतुष्ट हैं और मुख्यमंत्री ने उन्हें बेटी की सुरक्षा और शिक्षा का पूरा भरोसा दिलाया है।