जमुई के जंगल में चल रही थी अवैध गन फैक्ट्री, पुलिस ने तीन को दबोचा

Ghazala Saheb21 October 20262 min read0 viewsBihar
जमुई के जंगल में चल रही थी अवैध गन फैक्ट्री, पुलिस ने तीन को दबोचा

बिहार के जमुई जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने जंगल के भीतर चल रही एक अवैध मिनी-गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। सिकंदरा थाना क्षेत्र के मिर्जा पाठकचक इलाके में नहर के पार घने जंगल में यह अवैध फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और हथियार बनाने के भारी मात्रा में उपकरण बरामद किए गए हैं।

चोरी के मामले से खुला अवैध फैक्ट्री का राज

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने 20 अक्टूबर को एक चोरी के मामले में छोटू पासवान उर्फ टीनू कुमार को गिरफ्तार किया था। सिकंदरा थाने में दर्ज केस संख्या 283/2026 के तहत पकड़े गए छोटू पासवान से जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने जंगल में चल रही इस अवैध हथियार निर्माण केंद्र के बारे में चौंकाने वाली जानकारी दी।

सूचना मिलते ही डीआईयू (DIU) और सिकंदरा पुलिस की एक संयुक्त टीम ने तुरंत जंगल में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से अवैध गन फैक्ट्री का सेटअप बरामद किया और तीन लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया।

फैक्ट्री से बरामद हुए हथियारों के उपकरण

पुलिस ने मौके से हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई महत्वपूर्ण औजार और कच्चा माल जब्त किया है। बरामद सामानों की सूची इस प्रकार है:

  • दो जिंदा .315 बोर के कारतूस
  • एक ड्रिल मशीन और तीन ड्रिल बिट
  • एक हैंड बेस और मैगजीन फार्मा
  • 12 साइकिल फार्मा और पांच राउंड फाइल
  • एक मैगजीन स्प्रिंग और पांच स्पाइरल स्प्रिंग
  • तीन मेटल शीट और 12 हैक्सौ ब्लेड
  • अन्य कई छोटे औजार और कच्चा माल

तीन आरोपी गिरफ्तार, मुंगेर कनेक्शन की आशंका

पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  1. छोटू पासवान: निवासी मिर्जा गांव (चोरी के मामले में पहले से संदिग्ध)।
  2. जमशेद अली उर्फ तौफीक मलिक: निवासी अमीन गांव (इसे फैक्ट्री का मुख्य संचालक बताया जा रहा है)।
  3. दबलू कुमार: निवासी मिर्जा गांव (गिरोह का सहयोगी)।

एसपी विश्वजीत दयाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस इस गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि हथियार बनाने वाले इन लोगों के तार मुंगेर के अपराधियों से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस फैक्ट्री में बने हथियार कहां-कहां सप्लाई किए जा रहे थे और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।

Share:

Comments

Leave a comment