जमुई नाबालिग उत्पीड़न मामला: 'जंगलराज' के आरोपों पर राजभर का पलटवार, बोले- कानून का राज है, अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा

Ghazala Saheb22 September 20263 min read1 viewBihar
जमुई नाबालिग उत्पीड़न मामला: 'जंगलराज' के आरोपों पर राजभर का पलटवार, बोले- कानून का राज है, अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा

बिहार के जमुई में दो नाबालिगों के उत्पीड़न का मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने, जिसमें कुछ लोग एक नाबालिग लड़की और उसके दोस्त को परेशान करते दिख रहे हैं, राज्य की कानून-व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है। इस संवेदनशील मामले पर अब उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।

'जंगलराज' के दावों को किया खारिज

बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर हो रही राजनीति के बीच यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने स्पष्ट किया कि वहां कानून का शासन चलता है। उन्होंने बिहार सरकार को "जंगलराज" कहने के आरोपों को सिरे से नकार दिया। राजभर ने कहा, "वहां कानून का राज है। यह 'जंगलराज' सरकार नहीं है... यदि कोई अपराधी अपराध करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।"

पुलिस की कार्रवाई और SIT का गठन

पुलिस के अनुसार, यह घटना 19 सितंबर की शाम की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।

  • गिरफ्तारियां: पुलिस अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
  • पहचान: वायरल वीडियो की मदद से लगभग सात संदिग्धों की पहचान कर ली गई है।
  • विशेष जांच टीम: शेष आरोपियों की तलाश के लिए जमुई की एसडीपीओ दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है।

सियासी घमासान: विपक्ष के वार और सत्ता पक्ष का बचाव

इस घटना ने बिहार के राजनीतिक दलों को आमने-सामने खड़ा कर दिया है। जहाँ विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, वहीं सत्ता पक्ष पुलिस की कार्रवाई का बचाव कर रहा है।

"जैसे ही घटना पुलिस के संज्ञान में आई, पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज की। तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और पुलिस मुख्य आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। ऐसे कृत्य समाज में बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं हैं।" - संजय सरावगी (बिहार भाजपा अध्यक्ष)

दूसरी ओर, आरजेडी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने राज्य की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि अपराधियों को संरक्षण मिलने की बातें होती रही हैं। उन्होंने कहा कि जब मुख्य आरोपी गिरफ्तार हो जाएगा, तब इन लोगों के पास छिपने की कोई जगह नहीं बचेगी।

वहीं, जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने पुलिस की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि मानवता के दुश्मनों और चरित्रहीन लोगों का स्थान केवल जेल की सलाखों के पीछे ही है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने वीडियो सामने आने के तुरंत बाद परिवार को FIR दर्ज करने के लिए प्रेरित किया था।

सोशल मीडिया पर वीडियो फैलाने वालों पर भी शिकंजा

मामला केवल उत्पीड़न तक सीमित नहीं है, बल्कि वीडियो के गलत इस्तेमाल ने भी नई मुसीबत खड़ी कर दी है। पुलिस ने उन सोशल मीडिया प्रोफाइल धारकों के खिलाफ अलग से मामला दर्ज किया है, जिन्होंने वीडियो साझा करके नाबालिग की पहचान उजागर करने की कोशिश की है।

ताजा जानकारी के अनुसार, लगभग 120 प्रोफाइल के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। इसके साथ ही, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है और बिहार पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने इस बात पर जोर दिया है कि ऐसी किसी भी सामग्री के प्रसार को रोका जाए जिससे नाबालिग की पहचान उजागर हो सके।

Share:

Comments

Leave a comment