जमुई शर्मसार! नाबालिगों से छेड़छाड़ के मामले में मचा बवाल, भाजपा बोली- जल्द होगा मुख्य आरोपी गिरफ्तार

बिहार के जमुई जिले से एक बेहद विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। यहां दो नाबालिगों के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में भारी आक्रोश व्याप्त है, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने मामले में सख्त रुख अपना लिया है।
भाजपा अध्यक्ष ने जताई कड़ी आपत्ति
बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इस कृत्य को समाज के लिए एक कलंक बताया। सरावगी ने कहा कि इस तरह की घिनौनी हरकतें केवल वही लोग कर सकते हैं जो मानसिक रूप से विक्षिप्त हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज में इस तरह की घटनाओं के लिए कोई जगह नहीं है।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई और SIT का गठन
वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाई और मामले की जांच के लिए कदम उठाए। पुलिस की वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:
- तत्काल FIR: घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
- गिरफ्तारियां: पुलिस ने अब तक इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
- SIT का गठन: मामले की गहनता से जांच करने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
- छापेमारी जारी: पुलिस की टीमें मुख्य आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
"पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते ही तुरंत कार्रवाई की है। मुख्य आरोपी की तलाश के लिए छापेमारी जारी है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।" — संजय सरावगी
सियासी घमासान: कानून व्यवस्था पर छिड़ी जंग
इस घटना ने बिहार की राजनीति में उबाल ला दिया है। जहां विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इस मामले को लेकर कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए पिछली सरकारों पर निशाना साधा है।
संजय सरावगी ने तेजस्वी यादव के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके शासनकाल में अपराधियों को संरक्षण मिलता था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब मुख्य आरोपी पकड़ा जाएगा, तब विपक्ष के पास छिपाने के लिए कोई जगह नहीं बचेगी।
'मानवता के दुश्मन हैं ये अपराधी'
जदयू (JD-U) प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने भी इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने आरोपियों को 'मानवता का दुश्मन' करार देते हुए कहा कि ऐसे लोगों का स्थान केवल जेल की सलाखों के पीछे ही होना चाहिए। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि वायरल वीडियो के आधार पर पहचान की गई और तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की गई।