जमुई में दुर्गा पूजा से पहले बड़ी साजिश नाकाम, दो अपराधी गिरफ्तार

Ghazala Saheb19 October 20262 min read0 viewsBihar
जमुई में दुर्गा पूजा से पहले बड़ी साजिश नाकाम, दो अपराधी गिरफ्तार

बिहार के जमुई जिले में पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दुर्गा पूजा के त्योहार से ठीक पहले एक बड़ी आपराधिक साजिश को विफल कर दिया है। पुलिस ने दो कुख्यात अपराधियों को भारी मात्रा में अवैध हथियारों और विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के बाद इलाके में बड़ी अनहोनी की आशंका टल गई है।

विस्फोटक और हथियारों का भारी जखीरा बरामद

सोमवार को चन्द्रामांडी पुलिस स्टेशन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसडीपीओ राजेश कुमार ने इस सफल ऑपरेशन की जानकारी दी। पुलिस ने अपराधियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

  • लगभग चार किलोग्राम बम बनाने का सामान
  • दो देसी पिस्तौल
  • छह जिंदा कारतूस
  • तीन मोबाइल फोन
  • एक अपाचे मोटरसाइकिल

कैसे हुई इस बड़ी साजिश की नाकामयाबी?

एसडीपीओ राजेश कुमार ने बताया कि 17 अक्टूबर की रात को पुलिस की टीम त्योहारों के मद्देनजर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि दो हथियारबंद अपराधी बसहारा की दिशा से एक काली अपाचे मोटरसाइकिल पर चिखरा पहाड़ी मोड़ की तरफ आ रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत नाकाबंदी की और संदिग्धों को धर दबोचा।

कौन हैं ये शातिर अपराधी?

पकड़े गए अपराधियों की पहचान करू यादव (उर्फ जयप्रकाश यादव) और पिंटू कुमार वर्मा के रूप में हुई है। दोनों का आपराधिक इतिहास काफी खौफनाक है और वे बिहार-झारखंड सीमा के जिलों में सक्रिय रहे हैं।

करू यादव का आपराधिक रिकॉर्ड

सिमुलतला थाना क्षेत्र के लाहा गांव का रहने वाला करू यादव एक बेहद शातिर अपराधी है। उस पर हत्या, लूट, रंगदारी और विस्फोटक अधिनियम के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के तहत लगभग 10 गंभीर मामले दर्ज हैं। हाल ही में वह चन्द्रामांडी क्षेत्र में रंगदारी और मारपीट के मामले में भी वांछित था।

पिंटू कुमार वर्मा का आपराधिक रिकॉर्ड

सिमुलतला के कुदवा का रहने वाला पिंटू कुमार वर्मा भी गंभीर अपराधों में लिप्त रहा है। उस पर दहेज हत्या, लूट और पुलिस टीम पर हमला करने जैसे संगीन आरोप लगे हुए हैं।

पुलिस की मुस्तैदी और जांच जारी

इस सफल छापेमारी में थाना प्रभारी गजेंद्र कुमार, अतिरिक्त थाना प्रभारी नंदन कुमार, रितेश कुमार, अमित कुमार सहित जिला इंटेलिजेंस यूनिट और जिला सशस्त्र बल के जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि ये विस्फोटक कहां से लाए गए थे और इनका अगला निशाना कौन था। फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

Share:

Comments

Leave a comment