जमुई सड़क सुरक्षा: 'सुरक्षित शनिवार' में छात्रों ने सीखी ट्रैफिक की बारीकियां

जमुई में सड़क सुरक्षा के लिए 'सुरक्षित शनिवार' मनाया गया। छात्रों को ट्रैफिक नियमों और आपातकालीन नंबर 112 की जानकारी दी गई।

Ghazala Saheb24 October 20262 min read0 viewsBihar
जमुई सड़क सुरक्षा: 'सुरक्षित शनिवार' में छात्रों ने सीखी ट्रैफिक की बारीकियां

जमुई के गिधौर ब्लॉक में 'सुरक्षित शनिवार' कार्यक्रम के तहत जमुई सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष मॉक ड्रिल आयोजित की गई। मुख्यमंत्री के स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम के एक हिस्से के रूप में, इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को यातायात के नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के प्रभावी तरीकों से परिचित कराना है।

ट्रैफिक नियमों की समझ और मॉक ड्रिल का आयोजन

इस कार्यक्रम के दौरान, विभिन्न सरकारी स्कूलों में आयोजित सत्रों में प्रधानाध्यापकों, फोकल शिक्षकों और बाल प्रेरकों ने छात्रों को सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में विस्तार से बताया। छात्रों को न केवल यातायात के नियमों की जानकारी दी गई, बल्कि सड़क संकेतों (Road Signs) को पहचानने और उनके अर्थ समझने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।

मॉक ड्रिल के माध्यम से छात्रों को सड़क पर सुरक्षित रहने के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण नियमों के बारे में शिक्षित किया गया:

  • सड़क के बाईं ओर चलना: सड़क पर चलते समय हमेशा बाईं ओर रहने की आदत डालना।
  • सुरक्षा उपकरणों का उपयोग: दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और कार में सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करना।
  • जेब्रा क्रॉसिंग का महत्व: सड़क पार करने के लिए हमेशा निर्धारित जेब्रा क्रॉसिंग का ही इस्तेमाल करना।
  • मोबाइल फोन से दूरी: सड़क पर चलते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने से बचना।
  • गति सीमा का पालन: वाहनों की निर्धारित गति सीमा का सख्ती से पालन करना।

आपातकालीन स्थिति के लिए 112 नंबर की जानकारी

वार्षिक कैलेंडर के अनुसार आपदा प्रबंधन पाठ्यक्रम के तहत, बच्चों को यह भी सिखाया गया कि किसी भी सड़क दुर्घटना की स्थिति में तत्काल क्या कदम उठाने चाहिए। उन्हें आपातकालीन सेवा नंबर 112 पर कॉल करने के महत्व के बारे में बताया गया, ताकि दुर्घटना होने पर समय रहते सहायता प्राप्त की जा सके।

गांवों में जागरूकता फैलाने का संकल्प

प्रशिक्षण के समापन पर, सभी छात्रों ने एक औपचारिक शपथ ली। उन्होंने संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं इन सुरक्षा नियमों का पालन करेंगे, बल्कि अपने गांवों और समुदायों में भी लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

जमुई में किए जा रहे ये प्रयास बिहार के अन्य जिलों जैसे बक्सर, बेगूसराय और किशनगंज की तर्ज पर हैं, जहां युवाओं में जिम्मेदार यातायात संस्कृति विकसित करने के लिए सड़क सुरक्षा मॉड्यूल को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाया जा रहा है।
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