"मेरी बेटी गिड़गिड़ा रही थी, अब दोषियों को गिड़गिड़ाना चाहिए": जमुई पीड़िता के माता-पिता ने CM से मिलकर मांगा सख्त न्याय

Ghazala Saheb25 September 20262 min read48 viewsBihar
"मेरी बेटी गिड़गिड़ा रही थी, अब दोषियों को गिड़गिड़ाना चाहिए": जमुई पीड़िता के माता-पिता ने CM से मिलकर मांगा सख्त न्याय

बिहार के जमुई में एक नाबालिग लड़की के साथ हुई छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में पीड़िता के माता-पिता ने पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की।

"दोषियों में खौफ पैदा होना चाहिए"

मुलाकात के दौरान पीड़िता की मां ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि उनकी बेटी उस वक्त मदद के लिए गिड़गिड़ा रही थी। उन्होंने मांग की कि अपराधियों को भी उसी तरह की पीड़ा और डर का सामना करना चाहिए जो उन्होंने उस मासूम को दिया है।

"जो मेरी बेटी के साथ हुआ, वह किसी और के साथ नहीं होना चाहिए। मेरी बेटी गिड़गिड़ा रही थी, अब उन दोषियों को भी गिड़गिड़ाना चाहिए। ऐसे अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करने के लिए कुछ ठोस किया जाना चाहिए।"

मुख्यमंत्री ने दिया सुरक्षा और शिक्षा का भरोसा

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने पीड़िता की सुरक्षा और उसकी आगे की पढ़ाई सुनिश्चित करने का पूरा आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि बच्ची की सुरक्षा और शिक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है और उन्होंने बच्ची को अपनी बेटी के समान बताया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई: मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी गिरफ्तार

पीड़िता की मां ने पुलिस और सरकार की त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि घटना के महज 24 से 48 घंटों के भीतर पुलिस ने सक्रियता दिखाई।

  • शुरुआती कार्रवाई: पुलिस ने सबसे पहले तीन आरोपियों को दबोचा।
  • मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी: पुलिस मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी नंदन यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है।
  • SIT का गठन: मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है।

क्या था पूरा मामला?

यह हृदयविदारक घटना 19 सितंबर की है, जब दो नाबालिग लड़कियां कोचिंग क्लास से वापस लौट रही थीं। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद जनता में भारी आक्रोश फैल गया।

जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल के अनुसार, 21 सितंबर को वीडियो के माध्यम से जानकारी मिलने के बाद FIR दर्ज की गई थी। पुलिस ने न केवल मुख्य आरोपी बल्कि उन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की है जो इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहे थे।

कानूनी कार्रवाई और अन्य कदम

पुलिस ने इस मामले में पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

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