जदयू का 23वां स्थापना दिवस: नीतीश कुमार के सुशासन ने बदली बिहार की तस्वीर

जदयू के 23वें स्थापना दिवस पर उमेश सिंह कुशवाहा ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में सामाजिक न्याय और सुशासन के सफर को ऐतिहासिक बताया।

Ghazala Saheb30 October 20262 min read0 viewsBihar
जदयू का 23वां स्थापना दिवस: नीतीश कुमार के सुशासन ने बदली बिहार की तस्वीर

बिहार प्रदेश जनता दल यूनाईटेड (जदयू) ने अपना 23वां स्थापना दिवस मनाया। इस विशेष अवसर पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने एक बयान जारी कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को बधाई दी। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं को 'देवतुल्य' बताते हुए उनके समर्पण की सराहना की।

सामाजिक न्याय और सुशासन के मूल्यों का संगम

उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि जदयू की स्थापना 30 अक्टूबर 2003 को सामाजिक न्याय, सुशासन और सामाजिक समरसता के आदर्शों को लेकर की गई थी। उन्होंने इस यात्रा की प्रेरणा का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, डॉ. आंबेडकर, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, डॉ. लोहिया और जननायक कर्पूरी ठाकुर के महान विचारों से शक्ति प्राप्त करती है।

'न्याय के साथ विकास' से आया बदलाव

पार्टी के सफर को रेखांकित करते हुए कुशवाहा ने कहा कि नवंबर 2005 में जब नीतीश कुमार ने बिहार की कमान संभाली, तो राज्य में एक नए युग का उदय हुआ। उन्होंने निम्नलिखित महत्वपूर्ण बदलावों पर प्रकाश डाला:

  • न्याय के साथ विकास: विकास का ऐसा मॉडल जो समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
  • महिला सशक्तीकरण: महिलाओं को निर्णय लेने और समाज में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना।
  • बिहार का स्वाभिमान: 2005 से पहले 'बिहारी' शब्द को जो उपेक्षा झेलनी पड़ती थी, नीतीश कुमार ने उसे सम्मान और नई पहचान दिलाई।

भविष्य के लिए संकल्प और मजबूती

स्थापना दिवस के इस मौके पर कुशवाहा ने सभी कार्यकर्ताओं से एक संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें जदयू को सफलता की नई ऊंचाइयों तक ले जाना है। उन्होंने पार्टी के भविष्य और लोकप्रिय स्वास्थ्य मंत्री निशांत के नेतृत्व को और अधिक सशक्त बनाने की बात कही।

कुशवाहा ने अंत में कहा कि पार्टी का लक्ष्य नीतीश कुमार के समाजवादी सिद्धांतों और बिहार के नवनिर्माण के ऐतिहासिक कार्यों को हर घर और जन-जन तक पहुँचाना है।

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