फरक्का संधि पर जदयू ने छेड़ी बिहार के पानी के अधिकार की बड़ी लड़ाई

Ghazala Saheb5 September 20262 min read30 viewsBihar
फरक्का संधि पर जदयू ने छेड़ी बिहार के पानी के अधिकार की बड़ी लड़ाई

बक्सर से जदयू ने गंगा के पानी पर बिहार के अधिकार और फरक्का जल संधि के मुद्दे पर राजनीतिक अभियान की शुरुआत की है। नीतीश संवाद कार्यक्रम में पांच हजार से अधिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने फरक्का जल संधि को बिहार के हितों से जोड़ा। तीन दशक पहले बिहार के हितों की अनदेखी को अब दोहराने नहीं दिया जाएगा।

त्रिमुहानी संगम का निरीक्षण और स्वागत

संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा का कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह स्वागत किया। दोनों नेताओं ने त्रिमुहानी पहुंचकर गंगा की स्थिति का निरीक्षण किया। बगीचा उत्सव लॉन में आयोजित कार्यक्रम में संजय झा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। 12 दिसंबर 2026 को भारत-बांग्लादेश गंगा जल संधि के 30 वर्ष पूरे होंगे। बिहार के हिस्से के पानी, सिंचाई, खेती और बाढ़ की समस्या पर नए सिरे से विचार करने की जरूरत है।

पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना

संजय झा ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए पुराने फैसलों पर सवाल उठाए। 1996 में जब जल संधि लागू हुई, तब केंद्र में किसकी सरकार थी यह छिपा नहीं है। सत्ता के हित में बिहार के लोगों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया गया। अब सवाल उठाने वालों को बताना चाहिए कि ऐसी व्यवस्था क्यों बनाई गई।

गाद और बाढ़ की समस्या

फरक्का बैराज को लेकर गाद और बाढ़ की समस्या का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। फरक्का के बाद गंगा में गाद जमा होने की समस्या बढ़ी है। इसका असर नदी के प्रवाह, सिंचाई और बाढ़ की स्थिति पर पड़ रहा है। गर्मी में पानी की कमी और बरसात में बाढ़ बिहार की दोहरी चुनौती है।

केंद्र सरकार के समक्ष रखा गया मुद्दा

बिहार के जल अधिकार का मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से रखा गया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। जदयू अब गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों में जनसंवाद करेगा। इस मुद्दे पर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने की तैयारी है।

कार्यक्रम में प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा, विधायक राहुल सिंह, विधायक संतोष निराला और जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा मौजूद रहे। बड़ी संख्या में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए।

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