पूर्णिया में जीविका दीदियों का बड़ा अभियान, नशे के खिलाफ सड़कों पर उतरीं महिलाएं
पूर्णिया के अमौर और बैसा में जीविका दीदियों ने नशा मुक्ति अभियान के तहत रैली निकाली और लोगों को नशे से दूर रहने की अपील की।

बिहार के पूर्णिया जिले में नशाखोरी के खिलाफ एक सशक्त मुहिम शुरू हुई है। 'नशामुक्त भारत अभियान' के दूसरे दिन, जिले के अमौर और बैसा ब्लॉक में जीविका दीदियों ने मोर्चा संभाल लिया। हजारों महिलाओं ने इस अभियान में हिस्सा लेकर समाज को नशे के जाल से बाहर निकालने का संकल्प लिया।
रैलियों और नारों के जरिए जन-जागरूकता
अमौर ब्लॉक के प्रयास, सागर और सपना महिला संकुल संघों के साथ-साथ बैसा ब्लॉक के मलाला, सवेरा और आदर्श महिला जीविका संकुल संघों की महिलाओं ने इस अभियान को नई ऊंचाई दी। इन महिलाओं ने विशाल जागरूकता रैलियों का आयोजन किया। हाथों में तख्तियां (placards) लिए और नशे के खिलाफ नारे लगाते हुए, उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें।
मेहंदी और रंगोली से दिया संदेश
इस अभियान को केवल रैलियों तक ही सीमित नहीं रखा गया, बल्कि महिलाओं ने इसे बेहद रचनात्मक तरीके से पेश किया। जागरूकता फैलाने के लिए:
- रंगोली: महिलाओं ने सुंदर और रंगीन रंगोलियां बनाईं जो नशे के दुष्प्रभावों को दर्शाती थीं।
- मेहंदी: महिलाओं ने अपने हाथों पर मेहंदी से जागरूकता के संदेश उकेरे।
इन रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि एक स्वस्थ जीवनशैली ही देश के विकास के लिए अनिवार्य है।
सामूहिक शपथ और स्थानीय सहयोग
अभियान के दौरान क्लस्टर फेडरेशन कार्यालयों में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से शपथ ली। उन्होंने न केवल खुद को नशे से दूर रहने का वचन दिया, बल्कि अपने पड़ोसियों और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
इस मुहिम को स्थानीय स्तर पर काफी समर्थन भी मिला। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय अग्निशमन कर्मियों (firefighting personnel) ने भी जीविका दीदियों के साथ मिलकर विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और इस अभियान को मजबूती प्रदान की।