मतदाता सूची में गड़बड़ी? CEC के खिलाफ दिल्ली कूच करेंगे झारखंड कांग्रेस के दिग्गज

झारखंड के राजनीतिक गलियारों में इस वक्त भारी हलचल है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर झारखंड कांग्रेस अब सीधे दिल्ली में मोर्चा खोलने की तैयारी में है। राज्य के कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी कूच कर रहे हैं।
चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए गंभीर सवाल
झारखंड की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और कांग्रेस विधायक राजेश कछप ने इस मुद्दे पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। रांची में मीडिया से बात करते हुए शिल्पी नेहा तिर्की ने तीखे सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि आखिर क्यों एक राजनीतिक दल मुख्य चुनाव आयुक्त का बचाव करने में लगा हुआ है?
तिर्की ने कहा, "मतदाता सूची के पुनरीक्षण प्रक्रिया में इतनी कमियां और अनियमितताएं सामने आई हैं कि चुनाव आयोग को खुद आगे आकर स्पष्टीकरण देना चाहिए था। यह देखना हैरान करने वाला है कि एक राजनीतिक दल ज्ञानेश कुमार जैसे नौकरशाह की रक्षा करने में लगा है।" उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि SIR अभ्यास से जुड़ी इन घटनाओं पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रखी जा रही है, क्योंकि इसका सीधा असर भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर पड़ता है।
लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई
वहीं, कांग्रेस विधायक राजेश कछप ने बताया कि पार्टी कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम और विरोध प्रदर्शन आयोजित कर रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। कछप के अनुसार, कुछ नेताओं ने पहले झारखंड में लोगों को जागरूक करने और लामबंद करने की जिम्मेदारी संभाली और अब वे सामूहिक विरोध के लिए दिल्ली रवाना हो रहे हैं।
यात्रा की संभावित चुनौतियों और सरकारी बाधाओं पर तंज कसते हुए कछप ने कहा, "हम दिल्ली जा रहे हैं क्योंकि अगर सरकार ने ट्रेनें रोक दीं, तो बच्चों को कोयला ढोने वाली ट्रेनों में जाना पड़ेगा।" उन्होंने जोर देकर कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर होते देखना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लोकतंत्र को बचाने के लिए यह संघर्ष अनिवार्य है।