नकली दवा मामला: जीवेश मिश्रा ने विपक्ष से मांगी माफी, कहा- 'किया गया दुष्प्रचार'

पटना में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री जीवेश मिश्रा ने नकली दवा मामला को लेकर खुद को निर्दोष बताया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं द्वारा चलाया गया प्रचार पूरी तरह से तथ्यहीन और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित था।
न्यायालय के फैसले के बाद मांगी माफी
जीवेश मिश्रा ने जानकारी दी कि राजस्थान के राजसमंद स्थित न्यायालय ने 29 सितंबर को इस मामले में सभी आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही उन्हें दोषी ठहराने का प्रयास किया, उन्हें अब सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
राजनीतिक द्वेष का आरोप
मिश्रा ने आरोप लगाया कि पिछले साल चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस और कुछ अन्य राजनीतिक दलों ने इस मामले का राजनीतिक इस्तेमाल किया। उन्होंने विशेष रूप से कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने सदाकत आश्रम में प्रेस वार्ता कर उन्हें नकली दवा बनाने का सरगना तक बता दिया था और इस्तीफे की मांग की थी।
"राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली बयानबाजी उचित नहीं है।"
क्या था असली मामला?
जीवेश मिश्रा ने मामले की सच्चाई और कानूनी पहलुओं को स्पष्ट करते हुए निम्नलिखित बातें कहीं:
- यह मामला वर्ष 2012 का है, जिसे उन्होंने 2015 के चुनावी हलफनामे में पूरी पारदर्शिता के साथ दर्ज किया था।
- यह मामला ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट से संबंधित था, लेकिन वे उस दवा के निर्माता भी नहीं थे।
- न्यायालय के आदेश के अनुसार, परिवाद दाखिल किए जाने से पहले ही संबंधित दवा की शेल्फ लाइफ (expiry) समाप्त हो चुकी थी।
इन दिग्गज नेताओं से मांगी माफी
जीवेश मिश्रा ने उन सभी लोगों के नाम लिए जिन्होंने इस मामले में उनके और उनके परिवार के खिलाफ बयानबाजी की थी। उन्होंने निम्नलिखित नेताओं और व्यक्तियों से सार्वजनिक माफी की मांग की है:
- तेजस्वी यादव
- पप्पू यादव
- रोहिणी आचार्य
- प्रशांत किशोर
- एक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने कानूनी नोटिस मिलने के बाद अपने बयान और ट्वीट तक हटा दिए थे। उन्होंने यह भी कहा कि जनता ने तमाम दुष्प्रचार को खारिज करते हुए उन्हें लगातार तीसरी बार भारी समर्थन दिया है, जो उनकी सबसे बड़ी ताकत है।