उमर अब्दुल्ला का बड़ा फैसला: एमबीबीएस इंटर्न का स्टाइपेंड हुआ दोगुना!

जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य के युवा चिकित्सा पेशेवरों के लिए एक बड़ा और राहत भरा निर्णय लिया है। सरकार ने एमबीबीएस (MBBS) और बीडीएस (BDS) इंटर्न के मासिक स्टाइपेंड में भारी बढ़ोतरी करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले के बाद अब इंटर्न को 12,300 रुपये के बजाय 25,000 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।
युवा डॉक्टरों को मिलेगी आर्थिक मजबूती
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस महत्वपूर्ण निर्णय का उद्देश्य क्षेत्र के युवा स्वास्थ्य पेशेवरों को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस बढ़ोतरी के दायरे में विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स (FMGs) भी शामिल हैं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्टाइपेंड में यह वृद्धि 1 अक्टूबर, 2026 से प्रभावी होगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा, "जम्मू और कश्मीर की स्वास्थ्य प्रणाली में युवा चिकित्सा पेशेवरों के महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए, यह निर्णय उनके समर्पण और रोगी देखभाल के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को स्वीकार करता है।"
लंबे समय से चल रहा था आंदोलन
यह निर्णय अचानक नहीं लिया गया है, बल्कि इसके पीछे जम्मू-कश्मीर में एमबीबीएस इंटर्न द्वारा चलाए जा रहे व्यापक आंदोलन का हाथ है। छात्र लंबे समय से अपने स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
विरोध प्रदर्शन के मुख्य कारण:
- 2019 से ठहराव: जम्मू में प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि 2019 से स्टाइपेंड में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
- बढ़ती महंगाई: छात्रों ने तर्क दिया कि जीवन यापन, आवास, भोजन और परिवहन की बढ़ती लागत के बीच 12,300 रुपये में गुजारा करना बेहद मुश्किल हो गया है।
- राजौरी में भी प्रदर्शन: राजौरी के सरकारी मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों ने भी सितंबर में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया था।
डॉक्टरों ने यह भी मुद्दा उठाया कि वर्ष 2023 में एक स्टाइपेंड वृद्धि समिति का गठन तो किया गया था, लेकिन उसके बाद से इस संबंध में न तो कोई चर्चा हुई और न ही इसे लागू किया गया। अब सरकार के इस कदम से चिकित्सा क्षेत्र के भविष्य के डॉक्टरों ने राहत की सांस ली है।