नवोदय के छात्रों ने सीखा नवाचार का मंत्र, किया तकनीकी भ्रमण

Ghazala Saheb6 October 20262 min read0 viewsBihar
नवोदय के छात्रों ने सीखा नवाचार का मंत्र, किया तकनीकी भ्रमण

सुपौल के पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण किया। 'नवाचार संस्कृति एवं उद्यमिता विकास' (DICE) पहल के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय और किशनपुर स्थित प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई (PWMU) का दौरा किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य छात्रों को नवाचार, आधुनिक तकनीक और कचरा प्रबंधन की बारीकियों से रूबरू कराना था।

यह कार्यक्रम शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, नवाचार प्रकोष्ठ तथा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।

इंजीनियरिंग कॉलेज में नवाचार और तकनीकी प्रयोगों को समझा

भ्रमण की शुरुआत सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय से हुई। यहाँ आयोजित 'विचार सृजन सत्र' में मुख्य वक्ता एवं डीन अकादमिक डॉ. चंदन कुमार ने विद्यार्थियों को नए विचार विकसित करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें अपने आसपास की समस्याओं को पहचानना चाहिए और उनके समाधान के लिए रचनात्मक सोच विकसित करनी चाहिए। उन्होंने यह भी समझाया कि कैसे एक विचार को व्यवस्थित करके एक सफल परियोजना का रूप दिया जा सकता है।

इस दौरान विद्यार्थियों ने महाविद्यालय की विभिन्न आधुनिक प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया और वहां चल रहे तकनीकी कार्यों व प्रयोगों को करीब से देखा। महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपने नवाचार आधारित विचार और परियोजनाएं भी प्रस्तुत कीं, जिससे उन्हें यह समझने में मदद मिली कि किसी नए विचार को व्यावहारिक परियोजना में कैसे बदला जाता है।

कचरा प्रबंधन और रीसाइक्लिंग का व्यावहारिक ज्ञान

महाविद्यालय के बाद, छात्र किशनपुर स्थित प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई (PWMU) पहुंचे। यहाँ प्रखंड विकास पदाधिकारी पिंकी कुमारी और प्रखंड समन्वयक रूबी कुमारी ने विद्यार्थियों को कचरा प्रबंधन की वैज्ञानिक प्रक्रियाओं से अवगत कराया।

विद्यार्थियों ने देखा कि कैसे सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग किया जाता है और फिर उसका प्रसंस्करण (processing) किया जाता है। उन्हें यह भी समझाया गया कि अपशिष्ट पदार्थों के पुनर्चक्रण (recycling) के माध्यम से कैसे उपयोगी वस्तुएं तैयार की जा सकती हैं। छात्रों ने इस पूरी प्रक्रिया को बारीकी से देखा और अधिकारियों से इस संबंध में कई सवाल भी पूछे।

Share:

Comments

Leave a comment