पुणे: MPSC प्रदर्शन में पत्रकार से मारपीट, मीडिया का बहिष्कार

पुणे के शास्त्री रोड पर महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के अभ्यर्थियों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान एक अप्रिय घटना सामने आई है। यहाँ कवरेज करने पहुंचे पत्रकार निखिल शुक्रे के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। इस घटना से आक्रोशित पत्रकारों ने प्रदर्शन का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया और मौके से चले गए।
शास्त्री रोड पर क्या हुआ?
MPSC अभ्यर्थियों की विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों का एक बड़ा समूह शास्त्री रोड पर प्रदर्शन कर रहा था। इसी दौरान मीडिया कर्मियों की मौजूदगी पर कुछ छात्रों ने आपत्ति जताई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छात्रों ने पत्रकारों से सवाल किया, "तुम्हें यहाँ किसने बुलाया? यहाँ से जाओ।"
यह विवाद देखते ही देखते हाथापाई में बदल गया। आरोप है कि छात्रों ने पत्रकारों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और पत्रकार निखिल शुक्रे के साथ मारपीट की। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस को मौके पर हस्तक्षेप करना पड़ा और आरोपी को हिरासत में लेकर ले जाया गया।
पत्रकारों का कड़ा विरोध
इस घटना के बाद पत्रकार संघ ने कड़ा रुख अपनाया है। पुणे यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के उपाध्यक्ष योगेश बोर्से ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने पत्रकारों से एकजुट रहने की अपील की है।
"हम इस घटना की कड़ी निंदा करते हैं और हमलावर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं। पत्रकार निखिल शुक्रे के साथ हुई मारपीट के बाद, स्थानीय पत्रकारों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि जब तक शामिल छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक इस विरोध प्रदर्शन को कवर नहीं किया जाएगा।"
राजनीतिक विवाद और आरोप
इस घटना ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। प्रदर्शन के दौरान एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार भी वहां मौजूद थे। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नवनाथ बान ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए रोहित पवार पर निशाना साधा है।
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि रोहित पवार के समर्थकों ने पत्रकारों पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर यह हमला बेहद चिंताजनक है