"कांग्रेस लोकतंत्र के लिए खतरा": जेपी नड्डा का राहुल गांधी पर हमला

भोपाल में बीजेपी के मार्च के दौरान जेपी नड्डा ने कांग्रेस और राहुल गांधी को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को गलत कहा।

Ghazala Saheb4 November 20262 min read0 viewsBihar
"कांग्रेस लोकतंत्र के लिए खतरा": जेपी नड्डा का राहुल गांधी पर हमला

भोपाल में आयोजित भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विपक्ष के रवैये को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि जेपी नड्डा का कांग्रेस पर हमला सीधे तौर पर उस मानसिकता को लक्षित करता है जो संस्थाओं पर अविश्वास पैदा कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी देश में लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा बन गए हैं।

विपक्ष का गैर-जिम्मेदाराना रवैया

जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्षी दल चुनावी हताशा के कारण देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "कांग्रेस के पास जनता का समर्थन नहीं है, इसीलिए वे चुनाव आयोग पर दोष मढ़ रहे हैं। विपक्ष का यह गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार देश में अस्थिरता पैदा करने का काम कर रहा है।"

चुनाव आयोग पर सवाल और दोहरा मापदंड

नड्डा ने विपक्ष के दोहरे मापदंडों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस हिमाचल प्रदेश या केरल जैसे राज्यों में जीतती है, तो उन्हें चुनाव प्रक्रिया पर कोई आपत्ति नहीं होती, लेकिन जब वे अन्य जगहों पर हारते हैं, तो वे चुनाव आयोग को बेईमान बताने लगते हैं।

भारतीय चुनाव प्रणाली की मजबूती का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भारत में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं की सुविधा सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की सराहना करते हुए कहा कि आयोग ने कठिन परिस्थितियों में भी मतदाताओं तक पहुँच सुनिश्चित की है, जैसा कि उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे चुनाव आयोग ने जंगलों में जाकर भी मतदाताओं को मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया।

इमरजेंसी का जिक्र और ईवीएम पर पलटवार

कांग्रेस के नेतृत्व पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए नड्डा ने आपातकाल (Emergency) के अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा, "मैं खुद इमरजेंसी का शिकार रहा हूँ; पुलिस मुझे सीधे क्लासरूम से उठाकर ले गई थी। पूरे परिवारों को जेल में डाल दिया गया था। कांग्रेस को यह नहीं पता कि लोगों का दिल कैसे जीता जाता है।"

ईवीएम (EVM) बनाम बैलेट पेपर के विवाद पर उन्होंने कांग्रेस को आइना दिखाते हुए कहा, "जब बैलेट पेपर का इस्तेमाल होता था, तब कांग्रेस केवल एक सीट जीत पाई थी। मैं राहुल गांधी को सलाह दूँगा कि वे ईवीएम की चिंता छोड़ें और आत्मचिंतन करें।"

नड्डा ने चुनाव प्रक्रिया के विशाल पैमाने का उल्लेख करते हुए बताया कि चुनाव संपन्न कराने के लिए 10,24,000 से अधिक अधिकारी और लगभग 12.7 लाख बीएलओ तैनात किए गए थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग ने फर्जी मतदाताओं के डेटा को हटाकर प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया है।

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