जेपी की जयंती पर छपरा में दिखा खास नजारा, पहली बार सम्मानित हुए लोकनायक के परिजन

Ghazala Saheb10 October 20262 min read0 viewsBihar
जेपी की जयंती पर छपरा में दिखा खास नजारा, पहली बार सम्मानित हुए लोकनायक के परिजन

छपरा के जयप्रकाश विश्वविद्यालय में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती की पूर्व संध्या पर एक ऐतिहासिक और भावुक क्षण देखने को मिला। जयप्रकाश अध्ययन केंद्र द्वारा आयोजित एक विशेष व्याख्यान कार्यक्रम के दौरान, विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार लोकनायक के परिवार के सदस्यों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया।

परिवार के सदस्यों का हुआ भव्य सम्मान

इस गरिमामयी समारोह में जेपी के परिवार के सदस्य डॉ. विवेक प्रसाद और डॉ. कौशिक प्रसाद विशेष रूप से उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. परमेंद्र कुमार बाजपेयी ने दोनों विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया। इस सम्मान ने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को भावविभोर कर दिया।

लोकतंत्र और सामाजिक परिवर्तन पर चर्चा

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, जेएनयू नई दिल्ली के प्रो. संजय के. भारद्वाज ने लोकनायक के व्यक्तित्व और उनके विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकनायक के लोकतांत्रिक मूल्य और सामाजिक परिवर्तन के विचार आज भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने पहले थे।

लोकनायक के विचारों को भारतीय नागरिक चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व के परिप्रेक्ष्य में समझना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

इस अवसर पर प्रो. गजेंद्र कुमार और प्रो. राजेश नायक ने भी अपने विचार रखे और लोकनायक की वैचारिक प्रासंगिकता पर चर्चा की।

शोधार्थियों के लिए बड़ी सौगात: बनेगा 'जयप्रकाश अभिलेखागार'

कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रो. परमेंद्र कुमार बाजपेयी ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने विश्वविद्यालय में एक 'जयप्रकाश अभिलेखागार' स्थापित करने का निर्देश दिया है। इस प्रस्तावित अभिलेखागार का उद्देश्य लोकनायक की विरासत को सहेजना है।

इस अभिलेखागार में निम्नलिखित महत्वपूर्ण सामग्रियां संरक्षित की जाएंगी:

  • जेपी से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेज और पत्र।
  • लोकनायक से संबंधित दुर्लभ पुस्तकें।
  • उनके जीवन से जुड़े ऐतिहासिक चित्र और अन्य सामग्री।

इस पहल से भविष्य में होने वाले शोध कार्यों को एक नई दिशा मिलेगी और छात्र-छात्राओं को लोकनायक के जीवन को करीब से समझने का मौका मिलेगा।

कार्यक्रम का सफल संचालन

कार्यक्रम का विषय-प्रवर्तन केंद्र के निदेशक प्रो. सै

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