बिहार में फिर लौटा 'जंगलराज'? समस्तीपुर में महिला से बदसलूकी के बाद सियासी संग्राम

समस्तीपुर में दिनदहाड़े एक महिला के साथ हुई बदसलूकी और छेड़खानी के वायरल वीडियो ने बिहार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना ने राज्य में एक नया राजनीतिक विवाद छेड़ दिया है, जहां विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए इसे 'जंगलराज' की वापसी करार दिया है।
'सुशासन' के दावों पर उठे सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में अब कानून का शासन पूरी तरह खत्म हो चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की प्रशासनिक क्षमता और उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों पर भी सवाल उठाए। तिवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 'सुशासन' के नारे पर चोट करते हुए पूछा कि आखिर उनके सामने राज्य में क्या हो रहा है?
"बिहार में कानून का कोई राज नहीं है; यह पूरी तरह से 'जंगलराज' है। नीतीश बाबू, आपने सुशासन का नारा दिया था, लेकिन आपके सामने क्या हो रहा है? मैं बस इतना कह सकता हूँ कि बिहार में सिर्फ और सिर्फ जंगलराज है।" — प्रमोद तिवारी
अपराधों का पैटर्न: जमुई से पटना तक
राजद सांसद मनोज झा ने भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि ये घटनाएं महज इत्तेफाक नहीं हैं, बल्कि एक व्यवस्थित पैटर्न का हिस्सा हैं। उन्होंने हाल के दिनों में हुई घटनाओं का क्रम इस प्रकार बताया:
- जमुई: लगभग 19 सितंबर के आसपास की घटना।
- दरभंगा: छेड़खानी का प्रयास।
- समस्तीपुर: महिला के साथ सरेआम बदसलूकी।
- पटना: कल रात हुई घटना।
मनोज झा ने प्रधानमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय एक सुर रखने वाले नेता अब बिहार की जनता की पीड़ा से मुंह मोड़ रहे हैं।
सरकार का पलटवार: 'अपराधियों के खिलाफ सख्त है सरकार'
विपक्ष के आरोपों के बीच बिहार सरकार ने अपना बचाव किया है। मंत्री कुमार शैलेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कानून व्यवस्था को लेकर बेहद गंभीर हैं। उन्होंने जमुई मामले में हुए एनकाउंटर का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार अपराधियों के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में महिलाओं के बीच डर का कोई माहौल नहीं है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारियां
समस्तीपुर की घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कदम उठाए हैं। हालांकि वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र जांच होनी बाकी है, लेकिन वीडियो के वायरल होते ही पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है।
इससे पहले, जमुई में दो नाबालिगों के साथ हुई कथित बदसलूकी के मामले में भी पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है:
- पुलिस ने कुंदन कुमार, फैयाज और रामशिश कुमार को गिरफ्तार किया है।
- सोशल मीडिया पर नाबालिग की पहचान उजागर करने वाले लगभग 120 प्रोफाइल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
- पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाले किसी भी आपत्तिजनक वीडियो या पोस्ट को साझा न करें।