न्यायमुर्ति राजीव राय का सुपौल-निर्मली न्यायालय दौरा, भव्य निर्माण देख दी सलाह

पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सह सुपौल न्याय मंडल के पूर्व इंस्पेक्टिंग जज राजीव राय ने शनिवार को सुपौल और निर्मली अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय का अनौपचारिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न्यायालय के विभिन्न भवनों, परिसर, हरित क्षेत्र और अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
सुंदर और सुकून भरा है न्यायालय परिसर
न्यायालय परिसर का अवलोकन करने के बाद न्यायमूर्ति राजीव राय ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यहाँ का दृश्य देखकर बहुत सुकून मिलता है। न्यायमूर्ति का निर्मली व्यवहार न्यायालय से विशेष जुड़ाव रहा है, क्योंकि उनके निरीक्षण के कार्यकाल के दौरान ही इस न्यायालय भवन के निर्माण कार्य को गति मिली थी।
44 करोड़ की लागत से बना आधुनिक भवन
निर्मली अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय का निर्माण भवन निर्माण निगम लिमिटेड के तत्वावधान में लगभग 44 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है। इस मौके पर न्यायालय से जुड़े लोगों ने बताया कि निर्माण कार्य को समय सीमा के भीतर पूरा कराने में न्यायमूर्ति राजीव राय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही।
उन्होंने निर्माण की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए विधिज्ञ संघ और जिला न्यायाधीश को एक विशेष फार्मूला दिया था, जिसके तहत प्रत्येक माह निर्धारित लक्ष्य पूरे करने होते थे। नियमित निगरानी के कारण ही यह कार्य समय से पहले पूरा हो सका।
हरियाली और रखरखाव पर दिया विशेष जोर
न्यायालय परिसर में लगाए गए पौधों को देखकर न्यायमूर्ति ने खुशी जाहिर की। उनके कार्यकाल में ही परिसर में बड़े पैमाने पर पौधरोपण कराया गया था, जो अब पेड़ों का रूप ले चुके हैं। उन्होंने कहा:
"न्यायालय भवन का स्वरूप काफी आकर्षक है, जो वर्तमान में बिहार में कम ही देखने को मिलता है। लेकिन केवल निर्माण पर्याप्त नहीं है, भवन की सुंदरता बनाए रखने के लिए नियमित साफ-सफाई, रखरखाव और सौंदर्यीकरण पर सभी को मिलकर ध्यान देना होगा।"
फौजदारी वादों की सुनवाई को लेकर हुई चर्चा
निरीक्षण के पश्चात कॉन्फ्रेंस हॉल में न्यायिक विषयों पर विमर्श हुआ। इस दौरान निर्मली विधिज्ञ संघ के पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता रामलखन प्रसाद यादव ने न्यायमूर्ति को निर्मली सिविल कोर्ट में फौजदारी वादों की सुनवाई शुरू कराने से संबंधित वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने इस दिशा में आवश्यक पहल और अनुशंसा करने का अनुरोध किया, जिसका स्थानीय अधिवक्ताओं ने भी समर्थन किया।
इस अवसर पर सुपौल न्याय मंडल के परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राहुल कुमार उपाध्याय, सीनियर सिविल जज श्याम नाथ साह, जूनियर डिवीजन के सिविल जज भवेश कुमार, प्रोटोकॉल ऑफिसर सर्वेश कुमार झा, नाजीर मनीष कुमार सहित कई न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता और कर्मचारी उपस्थित थे।