कबीर मठ की जमीन पर कब्जे की कोशिश! सुपौल में ग्रामीणों ने लगाई 'जनता की अदालत'
सुपौल के कबीर मठ की जमीन पर कथित फर्जीवाड़े और कब्जे की कोशिश के खिलाफ ग्रामीणों ने 'जनता की अदालत' लगाकर अपनी आवाज बुलंद की।

बिहार के सुपौल जिले में कबीर मठ की बेशकीमती जमीन को लेकर विवाद गहरा गया है। रविवार को सदर प्रखंड की लाउढ़ पंचायत स्थित कबीर मठ परिसर में सैकड़ों ग्रामीणों, संतों और कबीर पंथी समाज के लोगों ने एकजुट होकर ‘जनता की अदालत’ लगाई। इस सभा का मुख्य उद्देश्य मठ की जमीन पर कथित फर्जीवाड़े और अवैध कब्जे की कोशिशों के खिलाफ आवाज उठाना था।
फर्जी कागजात और अवैध कब्जे का गंभीर आरोप
समाजसेवी राम कुमार मंडल की अध्यक्षता में आयोजित इस सभा में ग्रामीणों ने मठ की जमीन को लेकर गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मठ की कीमती जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसका दाखिल-खारिज (Mutation) करा लिया गया है। सभा के दौरान लोग 'कबीर मठ बचाओ-संस्कृति बचाओ' और 'मठ बचाने निकले हैं, लुटेरों को सबक सिखाने निकले हैं' जैसे नारों के साथ अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। वक्ताओं ने मांग की है कि कथित फर्जी दाखिल-खारिज को तुरंत रद्द किया जाए और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
'कबीर मठ बचेगा तो इंसानियत बचेगी'
लोरिक विचार मंच के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमन कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए इस मुद्दे को सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ते हुए कहा कि कबीर मठ महज जमीन का एक टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह सदियों पुरानी मानवतावादी विचारधारा, सामाजिक समता और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है।
डॉ. कुमार ने कहा,
"कबीर मठ बचेगा तो इंसानियत बचेगी। यह लड़ाई केवल एक मठ की जमीन तक सीमित नहीं है, बल्कि कबीर की विचारधारा में विश्वास रखने वाले लोगों की आस्था और स्वाभिमान से जुड़ी है।"उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि मठ की एक इंच जमीन पर भी अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा और इसके लिए शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।
सभा में ये प्रमुख लोग रहे मौजूद
इस जनसभा में कबीर मठ के मुख्य महंत बाबा अनुराग दास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और कबीर पंथी शामिल हुए। उपस्थित प्रमुख लोगों में शामिल हैं:
- मिथिलेश दास
- सुखदेव दास
- सत्यनारायण दास
- दिनेश शर्मा
- गेना साह
- श्याम सुंदर मंडल
- सुधीर मिश्र
- मुकेश यादव
- मो. सदरे आलम
- विष्णुदेव शर्मा
- रघुनंदन शर्मा
- कमल सादा
- भोला मंडल
- प्रियंका देवी
- प्रमिला देवी
- गाना देवी