काढ़ागोला गंगा घाट पर मनेगा भव्य 'गंगा उत्सव'
कटिहार के काढ़ागोला गंगा घाट पर 4 नवंबर को भव्य गंगा उत्सव का आयोजन होगा। इसमें गंगा स्वच्छता, महा आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी।

कटिहार जिले के बरारी प्रखंड में स्थित ऐतिहासिक काढ़ागोला गंगा घाट आगामी 4 नवंबर को एक विशेष उत्सव का गवाह बनने जा रहा है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (जल शक्ति मंत्रालय) और बिहार राज्य गंगा नदी संरक्षण कार्यक्रम प्रबंधन सोसाईटी के निर्देशानुसार, यहाँ एक भव्य 'गंगा उत्सव' का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गंगा नदी की स्वच्छता और संरक्षण के प्रति आम जनता में जागरूकता पैदा करना है।
सुबह श्रमदान से लेकर शाम को महा आरती तक
उत्सव की रूपरेखा बेहद व्यवस्थित तरीके से तैयार की गई है। कार्यक्रम की शुरुआत 4 नवंबर की सुबह 8:00 बजे से होगी। सुबह के सत्र में स्वच्छता के प्रति संकल्प लेने के लिए श्रमदान, गंगा स्वच्छता की शपथ और पौधारोपण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
शाम का कार्यक्रम उत्सव का मुख्य आकर्षण होगा। शाम 5:10 बजे से घाट पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके साथ ही, श्रद्धालुओं के लिए महा गंगा आरती और दीप-दान का आयोजन किया जाएगा, जिससे पूरा घाट रोशनी से जगमगा उठेगा। इसके अलावा, दिनभर विभिन्न संगोष्ठियों और कार्यशालाओं के माध्यम से गंगा संरक्षण के महत्व पर चर्चा भी की जाएगी।
युवा शक्ति और एनसीसी कैडेट्स बढ़ाएंगे रौनक
इस आयोजन को सफल बनाने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। कार्यक्रम में निम्नलिखित समूहों के सदस्य शामिल होंगे:
- 'मेरा युवा भारत' के 34 स्वयंसेवक।
- 35 बिहार बटालियन एनसीसी (पूर्णिया) के 50 कैडेट्स।
सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के कड़े निर्देश
जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने उत्सव की गरिमा और सुरक्षा को देखते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कार्यक्रम स्थल पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर-2) को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।
"कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस बल और अग्निशमन दस्ते की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए।"
स्वास्थ्य सेवाओं के मद्देनजर, सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है कि वे मौके पर एम्बुलेंस, जीवन रक्षक दवाओं और एक समर्पित मेडिकल टीम की तैनाती समय रहते सुनिश्चित करें। साथ ही, घाट पर स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं के लिए स्थानीय निकायों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।