कैलाशपति मिश्र की जयंती अब बनेगी राजकीय समारोह: सम्राट चौधरी

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा है कि प्रसिद्ध विचारक, राजनेता और गुजरात के पूर्व राज्यपाल कैलाशपति मिश्र की जयंती अब से राज्य में राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी।
पटना स्थित आईसीएआर (ICAR) परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कैलाशपति मिश्र की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने मिश्र जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित था।
राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि कैलाशपति मिश्र बिहार की माटी के महान सपूत थे। उन्होंने समाज और संगठन की सेवा में जो अमूल्य भूमिका निभाई, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
"श्रद्धेय कैलाशपति मिश्र ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र निर्माण तथा समाज और संगठन की सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उनकी जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि एवं कृतज्ञता का प्रतीक होगा।"
राज्य सरकार के इस निर्णय के बाद, आगामी वर्ष से उनकी जयंती को भव्य स्तर पर राजकीय समारोह के रूप में आयोजित किया जाएगा, जो उनके सार्वजनिक जीवन और विचारों को सम्मान देने का एक माध्यम बनेगा।
कार्यक्रम में गणमान्य लोगों की उपस्थिति
इस श्रद्धांजलि सभा में कई प्रमुख नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम के दौरान निम्नलिखित गणमान्य लोग उपस्थित रहे:
- भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया
- विधायक संजीव चौरसिया, संजय कुमार और मनोज कुमार
- विधायक रत्नेश कुमार और विधान पार्षद संजय मयूख
- पूर्व विधायक दिलमणी देवी
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान परिसर में भजन-कीर्तन का भी विशेष आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और गरिमामय बना रहा।