कैलाशपति मिश्र का जीवन राष्ट्र सेवा को समर्पित: संजय सरावगी
बक्सर में कैलाशपति मिश्र की पुण्यतिथि पर संजय सरावगी ने उन्हें संगठन का महामानव बताया और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मंगलवार को बक्सर जिले के बड़का ढाकाइच गांव में भाजपा के वरिष्ठ नेता, जनसंघ एवं भाजपा के संस्थापक सदस्य और बिहार के पूर्व मंत्री कैलाशपति मिश्र की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने मिश्र जी के व्यक्तित्व और उनके महान कार्यों को याद करते हुए उन्हें एक ऐसा महामानव बताया, जिसने अपना संपूर्ण जीवन संगठन को मजबूत बनाने और राष्ट्र की सेवा में लगा दिया।
संगठन को वटवृक्ष बनाने वाले महामानव
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए संजय सरावगी ने कहा कि कैलाशपति मिश्र ने अपना सर्वस्व संगठन के लिए समर्पित कर दिया था। वे न केवल एक कुशल नेता थे, बल्कि उन्होंने संगठन को गांव-गांव तक पहुंचाने का ऐतिहासिक कार्य किया।
- वे 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के सक्रिय सेनानी थे।
- वे जनसंघ और भाजपा के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे।
- बिहार सरकार में उन्होंने वित्त मंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
EWS आरक्षण और अंत्योदय के विचारों की सार्थकता
संजय सरावगी ने कैलाशपति मिश्र के सामाजिक न्याय के दृष्टिकोण को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से जोड़ते हुए कहा कि मिश्र जी का मानना था कि गरीबी किसी जाति को देखकर नहीं आती। उन्होंने कहा कि समाज के आर्थिक रूप से कमजोर प्रत्येक व्यक्ति को न्याय और बराबरी का अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा लागू किया गया 10 प्रतिशत EWS आरक्षण इसी सोच का परिणाम है। सरावगी ने एक महिला का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे इस आरक्षण की वजह से उसके दोनों बच्चों को सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिल सका। यह कदम गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर प्रदान कर रहा है।
राजकीय सम्मान और भविष्य की योजनाएं
इस महत्वपूर्ण अवसर पर एक बड़ी घोषणा करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि बिहार सरकार ने कैलाशपति मिश्र की जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद, अक्टूबर 2027 से उनकी जयंती राजकीय सम्मान के साथ मनाई जाएगी।
इसके साथ ही, उन्होंने कैलाशपति मिश्र स्मृति परिषद की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि वे उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने जैसी मांगों को पूरा कराने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।
बक्सर की पावन धरती और भव्य स्वागत
संजय सरावगी ने बक्सर की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यह भूमि महर्षि विश्वामित्र, भगवान राम और लक्ष्मण की प्रारंभिक शिक्षा की साक्षी रही है। उन्होंने बताया कि कैलाशपति मिश्र का इस पावन धरती से गहरा नाता था और वे अक्सर अपने ननिहाल बड़का ढाकाइच आया करते थे।
इससे पहले, पटना से बक्सर जाने के दौरान भोजपुर के भाजपा जिला कार्यालय में भी प्रदेश अध्यक्ष का जोरदार स्वागत किया गया। इस श्रद्धांजलि सभा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, विधायक संजीव चौरसिया, आनंद मिश्रा और एनडीए के कई अन्य वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।