“देश को पीएम मोदी के नेतृत्व की जरूरत है”: विपक्ष पर बरसीं कंगना रनौत

भाजपा सांसद कंगना रनौत ने हाल ही में विपक्ष द्वारा दिए जा रहे 'सत्ता परिवर्तन' के बयानों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और देश की जरूरतों को देखते हुए भारत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व की पहले से कहीं अधिक आवश्यकता है।
विपक्ष के 'सत्ता परिवर्तन' वाले बयान पर प्रहार
कंगना रनौत ने फ्रांस में हाल ही में हुई हिंसा और अशांति का उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया देख रही है कि मजबूत नेतृत्व की कमी से क्या हो सकता है। उन्होंने कहा, "आपने फ्रांस में देखा कि कैसे ऐतिहासिक संरचनाओं और दुकानों को जला दिया गया और लूटपाट की गई। ऐसी घटनाएं राष्ट्र को याद दिलाती हैं कि मजबूत नेतृत्व कितना जरूरी है।"
उन्होंने विपक्ष की गतिविधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान माहौल तीसरे विश्व युद्ध की याद दिलाता है, ऐसे में विपक्ष के कदम केवल यह साबित करते हैं कि देश को पीएम मोदी जैसे सशक्त नेता की कितनी जरूरत है। यह बयान वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी आंदोलन को 'सत्ता परिवर्तन की लड़ाई' बताने और एआईएसए (AISA) अध्यक्ष नेहा बोरा द्वारा बांग्लादेश के जन आंदोलन का जिक्र करने के बाद आया है।
कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ पर जताया गहरा दुख
राजनीतिक बयानबाजी के बीच, कंगना रनौत ने कोलकाता के चोरबागान सर्वोजनी दुर्गा पूजा पंडाल में हुई दर्दनाक भगदड़ पर भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुखद बताया और प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट की।
कंगना ने लोगों से अपील की कि वे त्योहारों के इस सीजन में भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतें। उन्होंने कहा, "यह एक बेहद दुखद घटना है। यह हृदयविदारक है कि उत्सव के इस पावन समय में कई लोग शोक में डूब गए हैं। दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार आने वाले हैं, इसलिए मैं सभी से आग्रह करती हूं कि भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।"
प्रशासन की कार्रवाई और मुआवजे का ऐलान
कोलकाता में इस भगदड़ में 19 लोगों की जान चली गई और 25 अन्य लोग अस्पताल में भर्ती हैं। पश्चिम बंगाल के कैबिनेट मंत्री उमेश राय ने इस घटना को "कुप्रबंधन" का मामला बताया है और कहा है कि मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
राज्य सरकार ने इस त्रासदी में प्रभावितों के लिए निम्नलिखित मुआवजे की घोषणा की है:
- मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक सरकारी नौकरी।
- घायलों के लिए 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता।
कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए, कोलकाता पुलिस ने 18 से 20 अक्टूबर तक शहर के संवेदनशील इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।