'हमने CJP का समर्थन किया है': कनिमोजी का CJP समर्थन पर बड़ा बयान

द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) की सांसद और उपाध्यक्ष कनिमोजी ने कनिमोजी का CJP समर्थन दोहराते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने CJP के नेताओं की गिरफ्तारी के समय उनका पूरा साथ दिया था। उन्होंने बताया कि वे चेन्नई में आयोजित विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हुईं ताकि यह संदेश दिया जा सके कि पार्टी और उनके नेता उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।
CEC के खिलाफ DMK का हल्ला बोल
कनिमोजी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब DMK की संसदीय पार्टी ने एक बेहद कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी ने अन्ना अरिवैलयम स्थित मुरासोली मरण मीटिंग हॉल में आयोजित बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया। इस प्रस्ताव में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने और उनके आचरण की गहन जांच की मांग की गई है। DMK का आरोप है कि चुनाव आयोग 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के माध्यम से वैध मतदाताओं को व्यवस्थित रूप से मताधिकार से वंचित करने का नेतृत्व कर रहा है।
बिहार से शुरू हुई विवाद की चिंगारी
पार्टी का दावा है कि इस विवाद की जड़ें बिहार में हैं, जहाँ SIR प्रक्रिया लागू करने के बाद बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की खबरें आईं। DMK अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने जुलाई 2025 में, विधानसभा चुनावों से पहले ही, इस पर आवाज उठाई थी। वे बिहार में आयोजित 'वोटर अधिकार यात्रा' में भी शामिल हुए थे, जिसमें कनिमोजी ने उनका साथ दिया था।
जब 27 अक्टूबर 2025 को चुनाव आयोग ने घोषणा की कि SIR अब तमिलनाडु सहित 12 राज्यों में लागू किया जाएगा, तो स्टालिन ने चेतावनी दी कि भाजपा इस कथित साजिश को तमिलनाडु तक फैलाने की तैयारी कर रही है। DMK का तर्क है कि मानसून और त्योहारों के मौसम (नवंबर-दिसंबर) में इस तरह की प्रक्रिया चलाना पूरी तरह से अव्यावहारिक है।
पार्टी के चार बड़े फैसले
स्टालिन के नेतृत्व में हुई इस बैठक में चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए:
- मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और उनकी जांच की मांग।
- छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शनों के प्रति पूर्ण एकजुटता।
- कांग्रेस और TVK के कथित 'दोहरे मापदंडों' की कड़ी निंदा।
- राष्ट्रपति को दो प्रमुख चुनावी सुधारों के लिए औपचारिक याचिका सौंपना।