'एक नहीं, कई खेल खेलें': कपिल देव ने युवाओं को दिया सफलता का मंत्र
पूर्व कप्तान कपिल देव ने खिलाड़ियों को सलाह दी है कि वे अपने मुख्य खेल के अलावा अन्य खेल भी खेलें ताकि उनका प्रदर्शन बेहतर हो सके।

पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान और 1983 विश्व कप विजेता टीम के नायक कपिल देव ने युवा एथलीटों को एक बेहद महत्वपूर्ण सलाह दी है। मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को केवल अपने मुख्य खेल तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अन्य खेलों में भी सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए।
खेल से बदलेगा सोचने का तरीका
कपिल देव का मानना है कि अलग-अलग खेल खेलने से न केवल शारीरिक क्षमता बढ़ती है, बल्कि यह खिलाड़ी की सोचने की प्रक्रिया (thought process) को भी व्यापक और बेहतर बनाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा:
"मैं चाहता हूँ कि लड़के और लड़कियां खेलें—सिर्फ अपना खेल ही नहीं, बल्कि अन्य खेल भी। अलग-अलग खेल खेलने से आपके प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। यदि आप हॉकी खेलते हैं, तो गोल्फ खेलें। यदि आप गोल्फ खेलते हैं, तो क्रिकेट खेलें।"
अगर गोल्फ खेला होता, तो बनाते 2000 रन ज्यादा
अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कपिल देव ने एक दिलचस्प बात भी साझा की। उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने अपने क्रिकेट करियर के दौरान गोल्फ खेला होता, तो शायद वह 2,000 अतिरिक्त रन बना पाते। उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उन्हें बैडमिंटन, टेबल टेनिस और स्क्वैश जैसे खेलों के लिए भी समय निकालना चाहिए, क्योंकि यह उनके मुख्य खेल में भी मदद करेगा।
मुंबई में होने वाली बड़ी गोल्फ चैंपियनशिप का ऐलान
यह बयान मुंबई में शशि रैया मेमोरियल गोल्फ चैंपियनशिप की घोषणा के दौरान दिया गया। यह चैंपियनशिप 12 से 15 जनवरी, 2027 तक मुंबई के विलिंगडन स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित की जाएगी।
बता दें कि कपिल देव जून 2024 से प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (PGTI) के अध्यक्ष के रूप में भी कार्यरत हैं और भारत में गोल्फ के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
कपिल देव: एक महान ऑलराउंडर का सफर
कपिल देव भारतीय क्रिकेट के इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक हैं। उनके कुछ अविस्मरणीय रिकॉर्ड इस प्रकार हैं:
- 1983 विश्व कप: भारत को पहली बार विश्व विजेता बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
- टेस्ट क्रिकेट: 131 टेस्ट मैचों में 5,248 रन बनाए और 434 विकेट लिए।
- वनडे क्रिकेट: 225 वनडे मैचों में 3,783 रन बनाए और 253 विकेट लिए।
- अद्वितीय रिकॉर्ड: वह एकमात्र क्रिकेटर हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 5,000 से अधिक रन और 400 से अधिक विकेट लेने का गौरव प्राप्त किया है।
1983 के विश्व कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ उनका नाबाद 175 रनों का ऐतिहासिक पारी आज भी दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।