कर्नाटक सूखा राहत: 62,000 करोड़ के नुकसान के बाद केंद्र से मदद की मांग
कर्नाटक में सूखे से 62,000 करोड़ का नुकसान हुआ है। उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने केंद्र से राहत के लिए दिल्ली जाने और सर्वदलीय बैठक बुलाने की घोषणा की।

कर्नाटक में सूखे की मार ने राज्य की अर्थव्यवस्था को गहरा जख्म दिया है। उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने बताया कि राज्य को सूखे के कारण लगभग 62,000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है, और अब सरकार कर्नाटक सूखा राहत के लिए केंद्र से मदद की तैयारी कर रही है।
दिल्ली में प्रतिनिधिमंडल भेजकर मांगी जाएगी सहायता
उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही एक सर्वदलीय बैठक आयोजित करेगी। इसके बाद, एक प्रतिनिधिमंडल को केंद्र सरकार से मुलाकात करने के लिए दिल्ली भेजा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पूरे 62,000 करोड़ रुपये की मांग नहीं करेंगे, बल्कि NDRF (नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) के दिशा-निर्देशों के आधार पर नुकसान का सटीक आकलन करेंगे और उसी के अनुरूप राहत की अपील करेंगे।
मेकेदातु और पर्यावरण परियोजनाओं पर मुख्यमंत्री की चर्चा
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। इस बैठक में मेकेदातु परियोजना, कस्तूरीरंगन रिपोर्ट और तटीय पर्यावरण से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर चर्चा हुई।
शिवकुमार ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने इन परियोजनाओं की मंजूरी में तेजी लाने के लिए अंतर-मंत्रालयी स्तर पर विचार-विमर्श शुरू करने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि तटीय और मेकेदातु जैसे मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाया गया है और वन एवं जल संसाधन मंत्री इस संबंध में संयुक्त बैठक कर सकते हैं।