KSRTC पर ₹6,500 करोड़ का बकाया! बीजेपी का सरकार पर बड़ा हमला

Ghazala Saheb9 October 20262 min read0 viewsBihar
KSRTC पर ₹6,500 करोड़ का बकाया! बीजेपी का सरकार पर बड़ा हमला

कर्नाटक में परिवहन व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) का ₹6,500 करोड़ से अधिक का भुगतान बकाया है। इस भारी वित्तीय संकट के कारण निगम के कामकाज और कर्मचारियों की स्थिति बेहद खराब हो गई है।

कर्मचारियों के वेतन और डीजल का संकट

विजयेंद्र ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि KSRTC के प्रबंध निदेशक ने वित्त विभाग को एक पत्र लिखकर दावा किया है कि सरकार की ओर से ₹6,500 करोड़ से अधिक की राशि लंबित है। उन्होंने कहा, "चूंकि राज्य सरकार से इतनी बड़ी राशि बकाया है, इसलिए KSRTC अपने ड्राइवरों, कंडक्टरों और सफाई कर्मचारियों सहित अपने कर्मचारियों को वेतन देने में असमर्थ है।"

संकट केवल वेतन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि निगम के डिपो में ईंधन की भारी किल्लत भी देखी जा रही है। विजयेंद्र के अनुसार:

  • KSRTC ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और इंडियन ऑयल (IOC) जैसी तेल कंपनियों का लगभग ₹187 करोड़ का भुगतान नहीं किया है।
  • इस बकाया राशि के कारण तेल कंपनियों ने डीजल की आपूर्ति सीमित कर दी है।
  • परिणामस्वरूप, कई बसें डीजल के इंतजार में डिपो में ही खड़ी रहने को मजबूर हैं।

सरकार का पलटवार: 'वित्तीय अनुशासन बरकरार है'

इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि डीजल की कमी केवल अस्थायी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने किसी भी कल्याणकारी योजना को रोका नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सरकार पिछले तीन वर्षों से सालाना ₹52,000 करोड़ का प्रावधान कर रही है और राज्य की वित्तीय व्यवस्था में पूरा अनुशासन है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा, "हम जानते हैं कि सरकार कैसे चलाई जाती है। यदि हमें समस्या होती, तो हम कुछ गारंटी योजनाओं को रोक सकते थे, लेकिन हम तीन साल से ₹52,000 करोड़ दे रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो सरकार ऋण भी ले सकती है, लेकिन वित्तीय प्रबंधन में कोई कमी नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पैसों की कमी होती, तो क्या गारंटी योजनाएं जारी रहतीं?

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