कर्नाटक विधायक KC वीरेंद्र पर ED का प्रहार: 23 करोड़ की संपत्ति जब्त
ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में कर्नाटक के विधायक KC वीरेंद्र से जुड़ी 23.35 करोड़ की संपत्ति ED ने जब्त की है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कर्नाटक के विधायक KC वीरेंद्र से जुड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने विधायक और उनके सहयोगियों से जुड़ी लगभग 23.35 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति को जब्त कर लिया है।
सट्टेबाजी के खेल में करोड़ों का साम्राज्य
ED के बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत यह कार्रवाई की है। जब्त की गई संपत्ति में 13.76 करोड़ रुपये से अधिक की चल संपत्ति और लगभग 9.58 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। यह जांच कई एफआईआर (FIR) के आधार पर शुरू की गई थी, जिनमें ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के माध्यम से धोखाधड़ी, साजिश और जबरन वसूली के आरोप लगाए गए थे।
कैसे चलता था अवैध सट्टेबाजी का नेटवर्क?
जांच में एक विशाल नेटवर्क का खुलासा हुआ है जो पूरे देश में फैला हुआ था। इस नेटवर्क में सट्टेबाजी की वेबसाइटें, पेमेंट गेटवे, शेल कंपनियां और 'म्यूल अकाउंट्स' (mule accounts) शामिल थे। आरोप है कि KC वीरेंद्र और उनके सहयोगियों ने अपराध की कमाई को वैध बनाने के लिए इन माध्यमों का उपयोग किया।
- किंग567 (King567): इस अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म का उपयोग खिलाड़ियों को फंसाने के लिए किया जाता था।
- धोखाधड़ी का तरीका: खिलाड़ियों से पैसे जमा कराए जाते थे और फिर हेरफेर किए गए सट्टेबाजी ऑपरेशनों के जरिए उन्हें चूना लगाया जाता था या उनके विड्रॉल (withdrawal) रोक दिए जाते थे।
- शेल कंपनियां: SimTech IT Solutions जैसी कंपनियों का उपयोग संदिग्ध लेनदेन के लिए किया गया।
2,300 करोड़ से ज्यादा का मनी लॉन्ड्रिंग मामला
ED की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस पूरे रैकेट के माध्यम से 2,300 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की जा सकती है। इस पैसे को हवाला चैनलों, शेल कंपनियों और विदेशी संस्थाओं के माध्यम से घुमाया गया। इस धन का उपयोग विलासिता की संपत्ति खरीदने, व्यावसायिक निवेश और व्यक्तिगत खर्चों के लिए किया गया था।
प्रमुख आरोपी और जांच की स्थिति
इस मामले में KC वीरेंद्र के साथ-साथ SimTech IT Solutions की निदेशक नेहा टंडन और उनके पति गुलशन खट्टर का नाम भी प्रमुखता से आया है। जांच में पाया गया कि गुलशन खट्टर ने Fonepaisa Payment Solutions के माध्यम से एक महत्वपूर्ण वित्तीय मध्यस्थ के रूप में काम किया और भारी कमीशन कमाया।
इससे पहले, ED ने विभिन्न राज्यों में 60 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें भारी मात्रा में नकदी, सोना, चांदी के आभूषण, वाहन और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे। एजेंसी ने KC वीरेंद्र को पहले ही गिरफ्तार किया है और मामले की जांच जारी है।