कर्नाटक में पेट्रोल में मिलावट का बड़ा दावा, सीएम शिवकुमार ने खोला मोर्चा!
कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार ने पेट्रोल में तय सीमा से ज्यादा इथेनॉल मिलाने का दावा किया है। कल मंत्री देंगे पूरा ब्यौरा।

कर्नाटक पेट्रोल इथेनॉल विवाद को लेकर राज्य में बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दावा किया है कि राज्य के पेट्रोल पंपों पर बेचे जा रहे ईंधन में निर्धारित सीमा से कहीं अधिक इथेनॉल मिलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा और वाहनों की सुरक्षा से जुड़ा है।
वाहनों के इंजन और माइलेज पर पड़ रहा बुरा असर
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्हें ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहाँ वाहन चालकों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मिलावट के कारण:
- इंजन बार-बार अचानक बंद हो रहे हैं।
- वाहनों का माइलेज काफी कम हो गया है।
- हजारों वाहन चालक इस समस्या से परेशान हैं।
शिवकुमार के अनुसार, यह मिलावट पेट्रोल पंपों पर मुनाफे के उद्देश्य से की जा रही है क्योंकि इथेनॉल की कीमत कम है। उन्होंने बताया कि जांच अभी जारी है और लगभग 30 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास मिलावट के पुख्ता दस्तावेज मौजूद हैं।
कल मंत्री देंगे सबूत और पूरा ब्यौरा
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि संबंधित मंत्री सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इस दौरान वे मिलावट से जुड़े सभी आधिकारिक दस्तावेज और विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करेंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि केंद्र सरकार को उन 67 स्थानों के बारे में सूचित कर दिया गया है जहाँ से नमूने एकत्र किए गए थे।
"यह मामला हमारे (राजनीतिक दल) से संबंधित नहीं है। यह लोगों को जागरूक करने और उन्हें सुरक्षित रखने के बारे में है। मिलावट करना खतरनाक है और हम इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।" — डीके शिवकुमार
केंद्र सरकार और तेल कंपनियों का पक्ष
दूसरी ओर, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। मंत्रालय का कहना है कि 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लिए गए 893 नमूनों की जांच में पाया गया है कि ईंधन निर्धारित गुणवत्ता मानकों के बिल्कुल अनुरूप है।
वहीं, प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (OMCs) जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने भी स्पष्ट किया है कि इथेनॉल मिश्रण एक पूरी तरह से नियंत्रित और स्वचालित प्रक्रिया है, जिसमें मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं होती है।
40 प्रतिशत तक मिलावट का गंभीर आरोप
इस बीच, कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने भी इस मामले में चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने पेट्रोल पंप एसोसिएशन के हवाले से कहा कि हालांकि इथेनॉल मिलाने की आधिकारिक सीमा 20 प्रतिशत है, लेकिन कुछ जगहों पर यह मात्रा 40 प्रतिशत तक पहुँच जाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस अत्यधिक मिलावट के कारण वाहनों के इंजन खराब हो रहे हैं।