प्रज्वल रेवन्ना केस: SIT की 3 जांबाज अफसरों को मिला गृह मंत्रालय का मेडल
प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ जांच करने वाली कर्नाटक SIT की तीन अधिकारियों को गृह मंत्रालय ने उत्कृष्टता पदक से सम्मानित किया है।

प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ यौन शोषण के मामलों की जांच करने वाली कर्नाटक की विशेष जांच टीम (SIT) के तीन अधिकारियों को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 'उत्कृष्टता में जांच पदक' (Kendriya Grihmantri Dakshata Padak) से सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इन अधिकारियों की पेशेवर जांच ने प्रज्वल रेवन्ना को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सम्मानित होने वाले अधिकारियों में इंस्पेक्टर शोभा, सहायक उप-निरीक्षक (ASI) रत्नाममा और CHC बालकृष्ण शामिल हैं। ये अधिकारी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी बीके सिंह के नेतृत्व वाली SIT/CID टीम का हिस्सा थे, जिन्होंने प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ यौन शोषण के मामलों की गहन जांच की थी।
जांच का परिणाम: प्रज्वल रेवन्ना को मिली उम्रकैद
इस SIT टीम की सफल जांच का ही परिणाम था कि पूर्व जेडी(एस) सांसद प्रज्वल रेवन्ना को दोषी ठहराया गया। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना को अगस्त 2025 में हसन जिले के होलेनरसिपुरा में एक घरेलू सहायिका के साथ बलात्कार के मामले में विशेष अदालत ने दोषी पाया था।
अदालत ने सजा सुनाते समय निम्नलिखित कड़े निर्देश दिए:
- आजीवन कारावास: प्रज्वल रेवन्ना को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
- भारी जुर्माना: उन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
- पीड़िता को मुआवजा: जुर्माने की राशि में से 7 लाख रुपये पीड़िता को मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया गया।
बता दें कि प्रज्वल रेवन्ना पर अभी तीन और बलात्कार के मामले लंबित हैं, जिनकी सुनवाई अदालत में जारी है।
क्या है 'केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक'?
यह पदक उन पुलिस और जांच अधिकारियों को दिया जाता है जिन्होंने आपराधिक जांच में असाधारण कार्य किया हो। यह पदक पेशेवर तरीके से जांच करने और प्रभावी सबूत जुटाकर न्याय सुनिश्चित करने के लिए दिया जाता है।
कर्नाटक के अन्य सम्मानित अधिकारी
वर्ष 2026 के पदक के लिए कर्नाटक से कुल सात कर्मियों का चयन किया गया है, जिनमें छह पुलिस अधिकारी और एक फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) का स्टाफ शामिल है। SIT के तीन अधिकारियों के अलावा, अन्य विजेताओं में ये नाम शामिल हैं:
- इंस्पेक्टर रुकमुद्दीन बावुद्दीन गाडेकर (बेलगावी)
- मनुनाथ (रायचूर)
- श्रीनिवास राव
- चंद्रशेखर (उप निदेशक, RFSL मैसूरु)