छठ महापर्व: कटिहार में गहरे पानी और निजी नावों पर रोक
कटिहार डीएम ने छठ महापर्व के दौरान सुरक्षा के लिए गहरे पानी वाले घाटों और निजी नावों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर कटिहार जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (एसडीओ) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (एसडीपीओ) को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए गहरे पानी वाले घाटों और निजी नावों के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी रहेगी।
गहरे पानी और असुरक्षित घाटों से बचें श्रद्धालु
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि नदियों और तालाबों के उन हिस्सों में श्रद्धालुओं को जाने से रोका जाए जहाँ पानी की गहराई अधिक है। जिले के कई पारंपरिक घाटों पर जलस्तर बढ़ने और किनारे असुरक्षित होने के कारण डूबने या अन्य दुर्घटनाओं की प्रबल आशंका बनी रहती है।
प्रशासन ने ऐसे संवेदनशील घाटों को चिह्नित करने का आदेश दिया है। इन स्थानों पर नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किए जाएंगे और पब्लिक एड्रेस सिस्टम (लाउडस्पीकर) के माध्यम से लगातार घोषणाएं की जाएंगी ताकि श्रद्धालुओं को जागरूक किया जा सके।
निजी नावों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध
अक्सर देखा जाता है कि छठ के दौरान युवा वर्ग निजी नावों का उपयोग करता है, जिससे क्षमता से अधिक लोग बैठने के कारण नाव पलटने का गंभीर खतरा बना रहता है। इस संभावित खतरे को देखते हुए डीएम ने नहाय-खाय से लेकर 16 नवंबर को प्रातःकालीन अर्घ्य संपन्न होने तक निजी नौकाओं के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
सुरक्षा के लिए तैनात किए गए कर्मी
प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि घाटों पर गृह रक्षक (होमगार्ड), चौकीदार और दफादारों की प्रतिनियुक्ति की जाए ताकि प्रतिबंधों की सख्त निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
छठ पर्व से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियां इस प्रकार हैं:
- 9 नवंबर से: श्रद्धालुओं का गंगा व अन्य नदियों में स्नान हेतु जुटना शुरू होगा।
- 15 नवंबर: सायंकालीन अर्घ्य का पर्व।
- 16 नवंबर: प्रातःकालीन अर्घ्य का पर्व।