कटिहार: ऋण भुगतान में देरी पर उप विकास आयुक्त ने बैंकों को दिया अल्टीमेटम

कटिहार में स्वरोजगार योजनाओं के ऋण वितरण को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: उप विकास आयुक्त डॉ. नेहा कुमारी ने ऋण भुगतान न होने पर नाराजगी जताई। बैंकों को अगले सप्ताह तक ऋण भुगतान सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया गया। शिविर में कुल 93.37 लाख रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए।
बैंकों की कार्यशैली पर नाराजगी
समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में गुरुवार को उप विकास आयुक्त डॉ. नेहा कुमारी की अध्यक्षता में स्वरोजगार योजनाओं के तहत ऋण स्वीकृति एवं वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान पीएमईजीपी, पीएमएफएमई और पीएमवीकेवाई योजनाओं की समीक्षा करते हुए उप विकास आयुक्त ने बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृति के बाद भी लाभुकों को राशि का भुगतान नहीं किए जाने पर गहरा असंतोष जताया। उन्होंने सभी बैंकों को अगले सप्ताह तक ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा स्वीकृत ऋणों का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने शिविर में अनुपस्थित रहने वाले बैंकों के विरुद्ध पत्राचार कर कार्रवाई करने का आदेश दिया।
विभिन्न बैंकों द्वारा स्वीकृत ऋण राशि
शिविर में विभिन्न बैंकों द्वारा कुल 93.37 लाख रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए। इसमें पीएमएफएमई योजना के तहत सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा चार आवेदकों को कुल 41.81 लाख रुपये का ऋण मंजूर किया गया। वहीं पीएमईजीपी योजना के अंतर्गत भारतीय स्टेट बैंक द्वारा तीन आवेदकों को 27.75 लाख रुपये और पंजाब नेशनल बैंक द्वारा एक आवेदक को 23.81 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट किया कि स्वरोजगार को गति देने वाली जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्य रूप से जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक मितेश कुमार शांडिल्य, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक मनोज कुमार मधुकर, विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक और जिला संसाधन सेवी उपस्थित रहे।