कटिहार: रोते मासूम को गोद में उठाकर डीएम ने जीता सबका दिल

कटिहार के सुखासन में आयोजित सहयोग शिविर में डीएम आशुतोष द्विवेदी ने एक रोते हुए मासूम को गोद में उठाकर सबका दिल जीत लिया।

Ghazala Saheb3 November 20263 min read0 viewsBihar
कटिहार: रोते मासूम को गोद में उठाकर डीएम ने जीता सबका दिल

बिहार के कटिहार जिले से एक बेहद भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति आम जनता के नजरिए को बदल दिया है। जिले के बरारी प्रखंड अंतर्गत सुखासन पंचायत में मंगलवार को आयोजित 'सहयोग शिविर' के दौरान जिला प्रशासन का एक ऐसा मानवीय चेहरा देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।

शिविर में जब एक गरीब महिला अपनी फरियाद लेकर पहुंची, तो वह काफी परेशान थी। उसके एक हाथ में सरकारी अर्जी थी और दूसरे हाथ में उसका दो साल का मासूम बच्चा, जो गर्मी और भीड़ के कारण लगातार रो रहा था। महिला बच्चे को संभालने और अपनी समस्या बताने के बीच काफी असहज महसूस कर रही थी।

जब कुर्सी छोड़कर महिला और बच्चे के पास पहुंचे डीएम

भीड़ और गर्मी से बेहाल बच्चे की चीखें सुनकर जिलाधिकारी (डीएम) आशुतोष द्विवेदी का दिल पसीज गया। वे अपनी कुर्सी से तुरंत उठे और बिना किसी हिचकिचाहट के उस असहाय महिला के पास पहुंचे। डीएम ने न केवल महिला की समस्या को बड़े ही आत्मीय भाव से सुना, बल्कि उस रोते हुए मासूम को अपनी गोद में उठा लिया।

हैरानी की बात यह रही कि डीएम की गोद में आते ही वह बच्चा जो अब तक रो रहा था, अचानक शांत हो गया और उसके चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान खिल उठी। जिलाधिकारी ने तुरंत बच्चे के लिए पानी और बिस्किट का प्रबंध करवाया। इस अपनत्व भरे व्यवहार ने शिविर में मौजूद ग्रामीणों का दिल जीत लिया और उन्होंने तालियों के साथ डीएम का स्वागत किया।

"ये बच्चे हमारे जिले का भविष्य हैं। प्रशासन का पहला धर्म आम आदमी की आंखों के आंसू पोंछना है। सहयोग शिविर केवल आवेदनों के निस्तारण का मंच नहीं, बल्कि जनता को भरोसा देने का केंद्र है।" — जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी

जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान का निर्देश

डीएम ने उस महिला को आश्वस्त किया कि उसकी समस्या का समाधान उसी दिन कर दिया जाएगा। उन्होंने शिविर का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि शिविर में आने वाले प्रत्येक आवेदन को संवेदनशीलता के साथ लिया जाए और तय समय-सीमा के भीतर उनका निष्पादन किया जाए, ताकि ग्रामीणों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

शिविर में स्वास्थ्य और जनकल्याणकारी योजनाओं पर जोर

इस सहयोग शिविर का विधिवत शुभारंभ जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त (डीडीसी) डॉ. नेहा कुमारी और अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) सूरज कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। शिविर के दौरान कई महत्वपूर्ण गतिविधियां भी देखने को मिलीं:

  • स्वास्थ्य शिविर: स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल कैंप लगाया गया, जहां ग्रामीणों की मुफ्त जांच की गई और आवश्यक दवाइयां बांटी गईं।
  • सरकारी योजनाएं: विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे ताकि लोग सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकें।
  • प्रमाण पत्र वितरण: डीएम, डीडीसी और एसडीएम ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभुकों को मौके पर ही प्रमाण पत्र सौंपे।

इस अवसर पर जिला और प्रखंड स्तर के कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन के इस संवेदनशील रुख की पूरे जिले में चर्चा हो रही है, जहां एक अधिकारी ने पद की गरिमा के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को भी सर्वोपरि रखा।

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