कटिहार: कायाकल्प अभियान में ढिलाई बर्दाश्त नहीं, डीएम ने दी डेडलाइन
कटिहार डीएम आशुतोष द्विवेदी ने कायाकल्प अभियान की समीक्षा करते हुए पुरानी इमारतों के सुधार और नए निर्माण के लिए सख्त समय-सीमा निर्धारित की है।

कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने जिले में चल रहे 'सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान' को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में आयोजित साप्ताहिक समन्वय समिति की बैठक के दौरान डीएम ने स्पष्ट कर दिया कि अभियान के कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुरानी इमारतों और नए निर्माण के लिए समय-सीमा तय
अभियान की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए दो महत्वपूर्ण डेडलाइन निर्धारित की हैं:
- पुरानी संपत्तियों का सुधार: पूर्व से निर्मित सार्वजनिक परिसंपत्तियों के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण और जीर्णोद्धार का कार्य 30 नवंबर 2026 तक हर हाल में पूरा करना होगा।
- नए निर्माण कार्य: नई आधारभूत संरचनाओं के निर्माण से जुड़े सभी कार्यों को 31 मार्च 2027 तक संपन्न करने का निर्देश दिया गया है।
स्कूलों और अस्पतालों पर रहेगा विशेष फोकस
डीएम ने निर्देश दिया कि सभी विभाग अपने-अपने क्षेत्रों का त्वरित सर्वेक्षण करें और आवश्यक कार्यों का चिन्हांकन करें। इस अभियान के तहत प्राथमिकता के आधार पर निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा:
1. शिक्षा क्षेत्र (विद्यालय)
विद्यालयों में अतिरिक्त क्लासरूम, भवन निर्माण, किचन शेड और शौचालयों की मरम्मत एवं रखरखाव पर विशेष जोर दिया जाएगा ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
2. स्वास्थ्य सेवाएं (अस्पताल)
स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की सुविधा के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना, नियमित स्वच्छता सुनिश्चित करना और बुनियादी ढांचे की मरम्मत करना प्राथमिकता सूची में रहेगा।
इसके साथ ही, आंगनबाड़ी केंद्रों और पंचायत भवनों का भी कायाकल्प किया जाएगा ताकि ग्रामीण स्तर पर सरकारी सुविधाओं को सुदृढ़ बनाया जा सके।
कागजी कार्रवाई नहीं, फील्ड में उतरकर होगा काम
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि वे केवल कागजी समीक्षा तक सीमित न रहें। उन्होंने कहा कि कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को स्वयं कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण करना होगा।
"अभियान का मूल उद्देश्य सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों को स्वच्छ, सुदृढ़ और पूरी तरह से क्रियाशील बनाकर आम नागरिकों को बेहतर जनसुविधाएं मुहैया कराना है।"
प्रगति की निगरानी के लिए सभी विभागों को 'कायाकल्प पोर्टल' पर भौतिक एवं वित्तीय प्रगति का विवरण नियमित रूप से अपडेट करने का आदेश दिया गया है। डीएम ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय-सीमा का उल्लंघन होता है, तो संबंधित पदाधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।