जब डीएम बने शिक्षक: कटिहार के रौतारा स्कूल में बच्चों के बीच पहुंचे आशुतोष द्विवेदी

Ghazala Saheb6 October 20262 min read0 viewsBihar
जब डीएम बने शिक्षक: कटिहार के रौतारा स्कूल में बच्चों के बीच पहुंचे आशुतोष द्विवेदी

कटिहार के रौतारा स्थित मिडिल स्कूल में मंगलवार का दिन विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए बेहद खास और प्रेरणादायी रहा। जिले के जिलाधिकारी (DM) आशुतोष द्विवेदी जब स्कूल के निरीक्षण पर पहुंचे, तो उन्होंने केवल प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी नहीं कीं, बल्कि एक सहज शिक्षक की भूमिका निभाते हुए बच्चों के बीच बैठकर उन्हें पढ़ाया भी।

कक्षाओं में पहुंचे डीएम, बच्चों के साथ किया सवाल-जवाब

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने औपचारिकताएं छोड़कर सीधे छात्रों की डेस्क तक पहुंचकर उनसे संवाद किया। उन्होंने विभिन्न कक्षाओं में जाकर बच्चों से पाठ्यक्रम, सामान्य ज्ञान और बुनियादी विषयों पर कई रोचक सवाल पूछे। जब बच्चों ने बिना किसी हिचकिचाहट के आत्मविश्वास के साथ जवाब दिए, तो डीएम ने उनकी पीठ थपथपाकर उनका उत्साहवर्धन किया।

संवाद के दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं से उनकी पढ़ाई के तरीकों, पसंदीदा विषयों, हॉबी और स्कूल के अनुभवों पर आत्मीय चर्चा की। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास, एकाग्रता और समय की पाबंदी ही जीवन में आगे बढ़ने का सबसे मजबूत रास्ता है।

शिक्षकों के साथ हुई विशेष बैठक

कक्षाओं का मुआयना करने के बाद जिलाधिकारी ने विद्यालय के शिक्षकों के साथ एक विशेष बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाना था। उन्होंने शिक्षकों से उनके अनुभव साझा करने और शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए जमीनी सुझाव मांगे।

बैठक के दौरान निम्नलिखित बातें प्रमुख रहीं:

  • शिक्षकों ने विद्यालय परिसर में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं और अनुकूल माहौल पर संतोष व्यक्त किया।
  • डीएम ने शिक्षकों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए नवाचारी और रोचक शिक्षण पद्धतियां अपनाने पर जोर दिया।

प्रशासनिक अमले की मौजूदगी

इस औचक और सघन निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त (डीडीसी) डॉ. नेहा और विशेष कार्य पदाधिकारी अभिषेक रंजन भी मौजूद रहे। इसके साथ ही विद्यालय के प्रधानाचार्य, सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों ने भी इस प्रक्रिया

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