कटिहार में नशे के खिलाफ महाअभियान: 27 अक्टूबर से शुरू होगी जंग

कटिहार में 27 अक्टूबर से नशामुक्ति अभियान शुरू होगा। स्कूलों, कॉलेजों और पंचायतों में रैलियों और नुक्कड़ नाटकों के जरिए नशे के खिलाफ जंग लड़ी जाएगी।

Ghazala Saheb26 October 20262 min read0 viewsBihar
कटिहार में नशे के खिलाफ महाअभियान: 27 अक्टूबर से शुरू होगी जंग

बिहार को नशे की बुराई से मुक्त करने के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए कटिहार जिले में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। नशामुक्त बिहार अभियान के तहत जिले में 27 अक्टूबर से 25 नवंबर तक एक महीने का विशेष सघन जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस राज्यव्यापी अभियान का औपचारिक शुभारंभ मंगलवार, 27 अक्टूबर को पटना के अधिवेशन भवन से माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी द्वारा किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कसी कमर, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सोमवार को जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए बिंदुवार दिशा-निर्देश जारी किए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि लोगों के व्यवहार में बदलाव लाना है।

शिक्षण संस्थानों और युवाओं पर विशेष फोकस

नशे की चपेट में आने वाले युवाओं को बचाने के लिए इस अभियान में शैक्षणिक संस्थानों को केंद्र बिंदु बनाया गया है। अभियान के दौरान निम्नलिखित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी:

  • स्कूल और कॉलेज: विद्यालयों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
  • रैलियां और प्रभात फेरी: विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता रैली और प्रभात फेरी निकाली जाएगी।
  • सामूहिक शपथ: समाज को जागरूक करने के लिए सामूहिक नशामुक्ति शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
  • परिचर्चा: विशेषज्ञों के माध्यम से नशे के सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसानों पर चर्चा की जाएगी।

जन-आंदोलन का रूप देगा प्रशासन

जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने निर्देश दिया कि इस अभियान को केवल सरकारी फाइलों और सरकारी स्तर तक सीमित न रखकर एक जन-आंदोलन का रूप दिया जाए। इसके लिए प्रशासन ने एक व्यापक रणनीति तैयार की है:

अभियान को जमीनी स्तर तक ले जाने के लिए पंचायत और वार्ड स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवी संस्थाओं (NGO) को सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा। इसमें महिलाओं और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक नशे के आर्थिक, पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी खतरों की जानकारी पहुंच सके।

नुक्कड़ नाटक और पोस्टरों से पहुंचेगा संदेश

ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में जागरूकता फैलाने के लिए प्रचार-प्रसार के विविध माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। जिले के कोने-कोने में पोस्टर, बैनर और नुक्कड़ नाटक के जरिए नशामुक्ति का संदेश प्रसारित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया है ताकि नशामुक्त समाज के निर्माण के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

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