दुर्गा पूजा पर कटिहार प्रशासन सख्त: पंडालों में CCTV और फायर सेफ्टी अनिवार्य

Ghazala Saheb9 October 20262 min read0 viewsBihar
दुर्गा पूजा पर कटिहार प्रशासन सख्त: पंडालों में CCTV और फायर सेफ्टी अनिवार्य

कटिहार में आगामी दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। शुक्रवार को विकास भवन में जिला शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर कई कड़े फैसले लिए गए। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पूजा समितियों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और महिला पुलिस की तैनाती

सुरक्षा व्यवस्था का खाका पेश करते हुए पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने बताया कि पर्व के दौरान जिले भर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी। महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पंडालों में महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

पुलिस अधीक्षक ने पूजा समितियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:

  • बड़े पंडालों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
  • महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए जाएं।
  • पंडाल में स्वयंसेवकों को पहचान-पत्र के साथ तैनात किया जाए।
  • भीड़ नियंत्रण के लिए आवश्यकतानुसार 'वन-वे' यातायात व्यवस्था लागू की जाएगी।

अग्निशमन और डीजे बजाने पर कड़े प्रतिबंध

पूजा के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना या आगजनी से निपटने के लिए फायर सेफ्टी पर विशेष जोर दिया गया है। समितियों को निर्देश दिया गया है कि वे पंडालों में आग बुझाने के लिए बालू और पानी से भरे ड्रम की व्यवस्था रखें। इसके साथ ही, प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। सभी पूजा समितियों के लिए प्रशासनिक लाइसेंस लेना भी अनिवार्य कर दिया गया है।

बिजली, सफाई और यातायात का प्रबंधन

जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का आदेश दिया है। उन्होंने नगर निगम को पंडालों और मुख्य मार्गों पर चूना-ब्लीचिंग छिड़काव करने और रात में कचरा उठाने के निर्देश दिए। वहीं, बिजली विभाग को जर्जर और ढीले तारों को तुरंत ठीक करने को कहा गया है ताकि निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनी रहे।

यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव और निर्देश दिए हैं:

  • पंडालों के पास मुख्य मार्गों पर ठेले-खोमचे न लगने दें, ताकि एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहन बिना बाधा के निकल सकें।
  • आवागमन को सुगम रखने के लिए तोरण द्वारों पर लगी लाइटें कम से कम 16 फीट की ऊंचाई पर होनी चाहिए।
  • विसर्जन घाटों पर पर्याप्त रोशनी और बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

बैठक के दौरान शांति समिति और पूजा समितियों के सदस्यों ने सड़कों की मरम्मत और विसर्जन घाटों के सुधार को लेकर भी सुझाव दिए, जिस पर अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी (सदर), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर), यातायात पुलिस उपाधीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और थानाध्यक्ष उपस्थित थे।

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