पटना में कटिहार का जलवा: जूट और मखाना के उत्पादों की धूम
पटना के स्रोत महोत्सव-2026 में कटिहार के किसानों ने जूट और मखाना के शानदार उत्पादों से सबका दिल जीत लिया।

राजधानी पटना के बापू टावर में आयोजित 'स्रोत महोत्सव–2026' में कटिहार जिले के किसानों ने अपनी उद्यमशीलता का शानदार प्रदर्शन किया है। जिले के कृषक उत्पादक संगठनों (FPO) के किसानों ने यहाँ जूट और मखाना के ऐसे मूल्य संवर्धित (वैल्यू एडेड) उत्पाद प्रदर्शित किए, जिन्होंने राज्य स्तर पर कटिहार की एक नई और मजबूत पहचान बनाई है।
वैज्ञानिक प्रसंस्करण से बदली फसलों की पहचान
जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के मार्गदर्शन और जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक (आत्मा) राजीव कुमार के नेतृत्व में कटिहार के किसानों ने पारंपरिक खेती के दायरे को तोड़कर कुछ नया करने की कोशिश की है। प्रदर्शनी में जूट और मखाना के प्रसंस्कृत उत्पादों को बेहद आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया था।
इन उत्पादों की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार रहीं:
- फसलों का विविधीकरण: पारंपरिक फसलों को नए और उपयोगी रूपों में पेश किया गया।
- वैज्ञानिक प्रसंस्करण: फसलों को तैयार करने में आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग किया गया।
- आकर्षक पैकेजिंग: उत्पादों की गुणवत्ता और उनकी पैकेजिंग ने विशेषज्ञों और आम लोगों को काफी प्रभावित किया।
किसानों की आय बढ़ाने का नया मंत्र
कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा), कटिहार के तकनीकी सहयोग से इस पहल को सफल बनाया गया है। महोत्सव की आयोजक सह सचिव डॉ. स्मृति पासवान ने कटिहार के किसानों के नवाचार, उत्पादों की विविधता और उनकी लगन की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
"कटिहार के किसानों का यह नवाचार और उत्पादों की विविधता वास्तव में सराहनीय है।"
कृषि विभाग के अनुसार, इस तरह के मंच स्थानीय संसाधनों के सही उपयोग और एफपीओ (FPO) के व्यावसायिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इससे न केवल किसानों को व्यापक बाजार और नए खरीदार मिलते हैं, बल्कि कटिहार की कृषि पहचान को भी नई ऊंचाइयां मिल रही हैं। यह पहल भविष्य में किसानों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी और सशक्त बनाने में एक मील का पत्थर साबित होगी।