कटिहार में खाद माफिया पर बड़ी कार्रवाई: 281 बोरा उर्वरक और लिक्विड डीएपी जब्त

कटिहार के प्राणपुर में कृषि विभाग ने छापेमारी कर 281 बोरा खाद और डीएपी लिक्विड के साथ चार वाहन जब्त किए हैं। तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है।

Ghazala Saheb28 October 20262 min read0 viewsBihar
कटिहार में खाद माफिया पर बड़ी कार्रवाई: 281 बोरा उर्वरक और लिक्विड डीएपी जब्त

कटिहार जिले के प्राणपुर प्रखंड में बुधवार की अलसुबह कृषि विभाग की टीम ने खाद की अवैध तस्करी और कालाबाजारी के खिलाफ एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे इस संवेदनशील इलाके में चलाए गए सघन जांच अभियान के दौरान टीम ने चार वाहनों को पकड़ा, जिनमें भारी मात्रा में डीएपी, यूरिया और पोटाश बरामद किया गया है।

कैसे हुई छापेमारी और क्या मिला?

जिला कृषि पदाधिकारी (डीएओ) राजीव कुमार के निर्देश पर कृषि समन्वयक संजय सिंह के सहयोग से प्राणपुर क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई गई थी। अहले सुबह जब संदिग्ध वाहनों की तलाशी ली गई, तो विभाग की आंखें फटी रह गईं। जब्त किए गए सामानों का विवरण इस प्रकार है:

  • वाहन संख्या WB 59E446: इसमें से 160 बोरा डीएपी और 20 बाल्टी डीएपी लिक्विड बरामद हुआ।
  • वाहन संख्या BR 39GB 2811: इसमें से 70 बोरा डीएपी जब्त किया गया।
  • वाहन संख्या BR 11GF7134: इसमें 25 बोरा डीएपी, 9 बोरा यूरिया और 6 बोरा पोटाश मिला।
  • वाहन संख्या BR 39ER 3079: इसमें से 8 बोरा डीएपी और 3 बोरा यूरिया बरामद हुआ।

बरामद उर्वरक में सबसे बड़ी खेप डीएपी की है, जिसमें कुल 263 बोरा डीएपी शामिल है। विभाग ने चारों वाहनों को जब्त कर लिया है और मामले में चार अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सीमावर्ती इलाकों में तस्करी का बढ़ता खतरा

प्राणपुर प्रखंड पश्चिम बंगाल की सीमा से सटा हुआ है, जिसके कारण कटिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों में उर्वरकों के अनधिकृत परिवहन और अवैध भंडारण की आशंका हमेशा बनी रहती है। खाद की तस्करी रोकने के लिए विभाग ने संवेदनशील बिंदुओं पर उर्वरक निरीक्षकों की तैनाती कर रखी है। वाहनों के आवागमन, प्रतिष्ठानों के स्टॉक और बिक्री के रिकॉर्ड की लगातार पड़ताल की जा रही है ताकि किसानों को समय पर और सही दाम पर खाद मिल सके।

किसानों के हक से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार ने कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हक की खाद की कालाबाजारी या अवैध भंडारण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

"पकड़ी गई खेप के स्रोत और उसके कागजातों की गहन जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी और पूरे जिले में इस तरह के सघन जांच अभियान लगातार जारी रहेंगे।"
Share:

Comments

Leave a comment