कटिहार में बाढ़ का खतरा: डीएम ने संवेदनशील तटबंधों का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

कटिहार में लगातार हो रही वर्षा और गंगा तथा कोशी नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इस संबंध में मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं: जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कुर्सेला प्रखंड का स्थलीय निरीक्षण किया, अधिकारियों को आपदा प्रबंधन के एसओपी के तहत सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया गया, जलजमाव और सड़कों की स्थिति पर पैनी नजर रखने को कहा गया है, तथा स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल टीमों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं।
तटबंधों का निरीक्षण और अधिकारियों को निर्देश
शुक्रवार को जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कुर्सेला प्रखंड अंतर्गत जरलाही पंचायत के गुमटी टोला और 12 नंबर स्पर का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को आपदा प्रबंधन के मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी के अनुरूप सभी तैयारियां अविलंब पूरी करने और तटबंधों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने का सख्त निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ अपर समाहर्ता, अपर समाहर्ता आपदा एवं सदर अनुमंडल पदाधिकारी सहित प्रखंड और अंचल स्तर के कई अधिकारी मौजूद रहे।
जलस्तर की समीक्षा और राहत कार्य
प्रशासनिक दल ने नदी के बढ़ते जलस्तर तथा आसपास के संभावित प्रभावित गांवों की वस्तुस्थिति की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने अंचल अधिकारी और संबंधित अभियंताओं को जलजमाव, सड़कों की स्थिति और आवागमन पर लगातार पैनी नजर बनाए रखने को कहा। तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गंगा और कोशी के जलस्तर की निरंतर निगरानी के साथ प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित सुरक्षात्मक व राहत कार्य चलाए जाएं।
स्वास्थ्य विभाग और नागरिकों के लिए निर्देश
स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों की तैनाती, दवाओं की उपलब्धता और जलजनित बीमारियों से बचाव के पुख्ता प्रबंध करने को कहा गया है। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि भारी बारिश और नदियों में उफान को देखते हुए जलजमाव, नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचें। लोगों से प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा किसी भी आपात परिस्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन अथवा नियंत्रण कक्ष को सूचित करने का आग्रह किया गया है।